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कण्व आश्रम खाली कराने के लिए नोटिस जारी

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बिजनौर के गांव रावली के पास कण्व ऋषि आश्रम। - फोटो : BIJNOR
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कण्व आश्रम खाली कराने के लिए नोटिस जारी
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बिजनौर। गंगा और मालन नदी के तट पर स्थित कण्व आश्रम में ताला लगा दिया है। वहीं, एसडीएम ने संस्था के पदाधिकारी को नोटिस जारी किया है। आश्रम से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। वहीं, संस्था के कोषाध्यक्ष ने भी ट्रस्ट के माध्यम से देखरेख और मामला विचाराधीन होने का दावा किया है।
बुधवार को सदर एसडीएम विक्रमादित्य मलिक ने रावली स्थित कण्व ऋषि आश्रम को खाली कराने का नोटिस जारी कर दिया है। इस आश्रम को ग्राम समाज की जमीन पर स्थापित होना बताया है। जिसके चलते एसडीएम ने कोषाध्यक्ष पद्म सिंह को नोटिस जारी कर दो दिन के अंदर इस भूमि के दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा है। यदि ठोस साक्ष्य नहीं है तो सामान उठाकर कण्व आश्रम को खाली कर देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कोषाध्यक्ष व संरक्षक पद्म सिंह ने बताया कि महर्षि कण्व आश्रम रावली की 62 बीघा जमीन साल 1962 से कण्व सांस्कृतिक शिक्षा समिति लिमिटेड रावली के नाम से साल 2002 तक रही। साल 1993 में जगन्नाथ शास्त्री का निधन हो गया था। जिसके बाद डीएम बिजनौर ने 2002 में यह जमीन एसडीएम के संरक्षण में दे दी। बताया कि इस संस्था का ट्रस्ट बना हुआ है। जिसके चलते ट्रस्ट ने पहले डीएम रमाकांत पांडेय से पूछकर जिले से चंदा एकत्र कर आश्रम का निर्माण कराया था। साथ ही वन विभाग ने तार और पेड़ भी लगवाए हैं।
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कण्व आश्रम का बना हुआ ट्रस्ट बहुत पहले समाप्त हो चुका है। उसके बाद यह जमीन ग्राम समाज की घोषित हुई। जिसका संरक्षक एसडीएम सदर को बनाया गया था। वर्तमान में दावा करने वाला ट्रस्ट अनधिकृत है, जिसका पुराने ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है। मैने नोटिस जारी कर दिया है। फिलहाल जमीन को खाली करने के लिए कहा गया है। निश्चित समय में जमीन खाली नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। रावली के ही कुछ लोगों ने अवैध कब्जे की शिकायत की थी।
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- विक्रमादित्य सिंह मलिक, एसडीएम सदर
हमारा ट्रस्ट बना हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में लाकर हमने कण्व आश्रम वाली जगह पर चंदा करते हुए काम कराया है। इस तरह से नोटिस देना गलत है - पद्म सिंह, कोषाध्यक्ष व संरक्षक
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