बिजनौर। अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नहीं देने पर मुरादाबाद की लारा कोर्ट ने बिजनौर जिलाधिकारी जसजीत कौर के सरकारी आवास को कुर्क करने का आदेश दिया है। जिस पर डीएम ने भी अपने स्तर से जांच बैठा दी है कि आखिर मुआवजा भुगतान के लिए शासन को डिमांड भेजने में किसकी लापरवाही रही। जांच के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि लैंड एक्विजिशन ट्रिब्यूनल (लारा) मुरादाबाद के न्यायाधीश जैग़म उद्दीन ने उमेश बनाम सरकार केस में शुक्रवार को आदेश पारित किया गया है। सिंचाई विभाग की ओर से याचिकाकर्ता को 25 लाख 23 हजार रुपए का मुआवजा भुगतान नहीं करने पर डीएम आवास की कुर्की का आदेश दिया है। डीएम ने कहा कि अग्रिम तारीख से पहले शासन से धनराशि सिंचाई विभाग को जारी कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे याचिकाकर्ता को भुगतान किया जा सके। साथ ही जांच भी बैठा दी है। जांच में यह पता किया जाएगा कि किसी अधिकारी या कर्मचारी के कारण यह धनराशि मांग शासन को भेजने में देरी हुई। लापरवाही बरतने वाले अधिकारी या कर्मचारी पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
बता दें कि जमीन के मुआवजे के मामले में बिजनौर डीएम की ओर से कोर्ट में भी कोई आख्या प्रस्तुत नहीं की गई। इस मामले में 13 मार्च 2020 को मुआवजा देने का आदेश हुआ था। लेकिन कई बार याद दिलाने के बावजूद जिला प्रशासन ने मुआवजे की राशि नहीं दी। उधर निष्पादन वाद पिछले चार सालों से विचाराधीन है। कोर्ट ने नौ जनवरी को डीएम बिजनौर तलब भी किया है।