दिन में लापरवाही, रात को कर्फ्यू की तैयारी
बिजनौर। 25 दिसंबर की रात से कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए नाइट कर्फ्यू की तैयारी हो रही है, लेकिन दिन में बिना मास्क घूम रही भीड़ पर किसी का ध्यान नहीं है। लोग कह रहे हैं दूसरी लहर तो याद है, लेकिन अब क्या होगा पता नहीं। मास्क के बारे में पूछो तो लोगों का कहना है कि मास्क है, पर जेब में। जब कोई लगा ही नहीं रहा तो हम भी क्यों लगाएं। जनता की मास्क को लेकर बढ़ती लापरवाही आने वाले समय में बड़ा खतरा बन सकती है। दिन में सतर्कता बरती जाएगी, तभी रात का कर्फ्यू लगाने का मकसद सफल हो पाएगा।
कोरोना की दो लहरों से हुई तबाही से भी लोग सावधानी बरतने को तैयार नहीं हैं। बाजारों में बिना मास्क लगाए लोग खरीदारी कर रहे हैं। इतना ही नहीं दुकानदार भी ग्राहक को मास्क लगाने के लिए नहीं कह रहे हैं। क्योंकि उन्होंने खुद भी मास्क नहीं लगाया है। हर जगह यही हाल है। शासन और चिकित्सक लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन लापरवाही लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को बिजनौर डिपो पर लोग बिना मास्क लगाए ही यात्रा करते नजर आए। रोडवेज पर बिना मास्क घूम रहे करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग से पूछा गया कि आपने मास्क क्यों नहीं लगा रखा है, कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका है। उन्होंने जेब से मास्क निकाला और तुुरंत लगा लिया। साथ ही कहा कि हमें नहीं पता कि कोरोना की तीसरी लहर आने वाली है। रोडवेज पर कुछ युवा भी बिना मास्क के खड़े थे। जब उनसे मास्क के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि हां लगा लेंगे मास्क और मुस्कुराते हुए चले गए।
बाजार में दो गज तो दूर, दो इंच की दूरी नहीं
कोरोना से बचने के लिए दो गज दूरी और मास्क है जरूरी का नारा दिया गया था। सदर बाजार के हालात देखें तो मास्क तो किसी के चेहरे पर नजर ही नहीं आता, साथ ही लोग सामाजिक दूरी का ख्याल भी नहीं रख रहे हैं। दिनभर सैकड़ों लोगों की भीड़ बिना मास्क के ही नजर आ रही है। यहां दो गज की दूरी तो बड़ी बात है, दो इंच की दूरी का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है।
निगरानी समिति घर-घर जाकर तलाश रहीं खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज
बिजनौर। कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। निगरानी समितियों ने घर-घर जाकर खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज तलाशने शुरू कर दिए हैं। इनके मरीजों को बीमारी के हिसाब से दवाइयों की किट दी जा रही है। साथ ही इनसे कोरोना टेस्ट कराने के लिए कहा जा रहा है।
जिले में काफी समय से कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला है। पिछले सप्ताह एंटीजन किट से हुई जांच में एक महिला कोरोना संक्रमित मिली थी, लेकिन आरटीपीसीआर में उसके संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई थी। आसपास के राज्यों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। विभाग ने संक्रमण के पहले दौर में बनाई गई समितियों को सक्रिय कर दिया है। जिले में 1508 निगरानी समिति गठित हैं। इनमें आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार, खांसी व जुकाम के मरीजों की जानकारी ले रही हैं। सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल के अनुसार सभी लोग निगरानी समितियों का सहयोग करें। कोरोना संबंधी लक्षण होने पर सावधानी बरतें और जांच जरूर कराएं।