शहर के गंदे तालाबों से छलकेगा ‘अमृत’
बिजनौर। अब शहरी क्षेत्रों में भी जिन तालाबों में गंदा पानी भरा हुआ है, वहां अब साफ पानी में मछलियां अठखेलियां करती नजर आएंगी। जिले में हर नगर पालिका और नगर पंचायत के शहर या कस्बे में एक-एक तालाब को अमृत सरोवर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। न केवल यहां गंदा पानी डलने से रोका जाएगा, बल्कि इसे एक पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाना है। इसकी तलटही की सफाई कर प्राकृतिक स्त्रोत से इसमें सालभर पानी की व्यवस्था की जाएगी। अभी तक केवल ग्रामीण क्षेत्रों में ही अमृत सरोवर बनाने का काम चल रहा है।
जिलेभर में करीब 120 तालाबों को अमृत सरोवर बनाने का काम चल रहा है। इसके अलावा पांच तालाबों को जिला पंचायत ने भी अमृत सरोवर बनाने के लिए चिह्नित किया है, लेकिन यह सभी तालाब ग्रामीण क्षेत्रों में आते हैं। शासन ने अब जिले की नगर पालिका और नगर पंचायतों में भी एक-एक तालाब अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य दिया है। प्रशासन ने सभी नगर पालिका और पंचायतों को तालाब चिह्नित करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। बिजनौर जिला मुख्यालय की बात करें तो यहां पर बीआईसी कॉलेज के सामने पड़े तालाब को अमृत सरोवर बनाने के लिए चयन कर लिया गया है।
और 18 तालाब अमृत सरोवर बनेंगे
जिले में 12 नगर पालिका और छह नगर पंचायत हैं। इन सभी में एक-एक तालाब अमृत सरोवर के रूप में बनाना है। इस लिहाज से करीब 18 और तालाब अमृत सरोवर के रूप में विकसित किए जाने हैं। इससे पहले 120 विकास विभाग, पांच जिला पंचायत भी अमृत सरोवर बना रही है। जिले में कुल 143 अमृत सरोवर तैयार किए जाएंगे।
शहरी अमृत सरोवर बनेगा पिकनिक स्पॉट
शहरी क्षेत्रों में बनने वाले अमृत सरोवर की सबसे पहले सफाई की जानी है। तालाब के चारों ओर पाथ वे बनाया जाना है। बिजनौर में चयनित हुए अमृत सरोवर में पाथ वे के दोनों ओर पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही इसके पास ओपन एयर जिम भी लगाया जाएगा। बैठने के लिए बैंच और शाम को सैर करने के लिए चारों ओर रोशनी का इंतजाम भी किया जाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो इन तालाबों में मछली, कछुए जैसे जलीय जीव विचरण करते नजर आएंगे।
वर्जन...
शासन से हर नगर पालिका और नगर पंचायत में एक-एक अमृत सरोवर का चयन करने के निर्देश मिले हैं। तालाबों का चयन किया जा रहा है। शीघ्र ही इन तालाबों का चयन कर डीपीआर तैयार की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में बनने वाले अमृत सरोवर को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा।
- विनय कुमार, एडीएम प्रशासन