बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायधीश जयश्री आहुजा ने रेशमा दहेज हत्याकांड में आरोपी ननदोई फुरकान की जमानत याचिका निरस्त कर दी।
थाना नांगल के गांव दहीरपुर निवासी अमीर हसन ने थाना हीमपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी रेशमा की शादी 23 मार्च 2020 को रेहरा निवासी मुकीम से की थी। शादी में 12 लाख रुपये खर्च किए थे। रेशमा की ससुरालवाले दान दहेज से खुश नहीं थे। रेशमा का पति मुकीम, ससुर इलियास, जेठ नईम व सलीम, ननद भूरी, ननदोई फुरकान रेशमा के साथ मारपीट करते थे। अमीर हसन कई बार पत्नी के साथ रेशमा की ससुराल गया और उन्हें काफी समझाया। लेकिन ससुरालवाले नहीं माने तथा पांच लाख रुपये की मांग करते रहे।
मांग पूरी न होने पर मुकीम की दूसरी शादी करने और रेशमा को जान से मारने की धमकी दी जाती थी। रेशमा के पिता ने मुकीम को 50 हजार रुपये अगस्त में दिए थे। 13 सितंबर को दोपहर साढ़े 12 बजे रेशमा का फोन भाई इरफान के मोबाइल पर आया। उसने बताया कि पति और ससुरावाले उसे जान से मारने की बात कह रहे हैं। उसने जल्दी आकर उसे ले जाने को कहा। इस पर रेशमा का पिता अपने भाइयों व अन्य परिजनों के साथ रेशमा के घर गए तो रेशमा के ससुरालवाले घर से गायब मिले। गांव वालों ने बताया कि रेशमा को उसकी ससुरालवालों ने जहर दे दिया है। रेशमा उन्हें अस्पताल में मिली, जिसकी बाद में मौत हो गई।