कुछ इस तरह है सीटों का गणित
जिले में जिला पंचायत की कुल 56 सीटें हैं। इनमें आठ भाजपा की थी जो अब चार निर्दलियों का समर्थन मिलने के बाद 12 हो गई। उधर, सपा 20, रालोद चार, भाकियू दो सीटों पर है। बसपा की पांच सीटें आई थीं। आजाद समाज पार्टी की आठ सीटें हैं। गठबंधन लगातार इन आठ सीटों को भी अपने पक्ष में होने का दावा करता आ रहा है।
कैसे लगे सेंध, दिन भर चलता रहा मंथन
भाजपा के दिग्गज नेता अलग-अलग पदाधिकारी और नेता से इस पर चर्चा करते रहे कि किस तरह गठबंधन और दूसरी पार्टी के सदस्यों को भाजपा के साथ लाया जाए। उधर, गठबंधन को जब पता चला कि भाजपा के बड़े नेताओं को जमघट बिजनौर में लग चुका है तो उन्होंने भी अपने पक्ष के सदस्यों से संपर्क साध मजबूती सुनिश्चित करनी शुरू कर दी।
हम मजबूती से चुनाव लड़ेंगे, अब संख्या 12 हो चुकी है। जल्द ही यह संख्या और बढ़ेगी। सभी से कहा गया है कि जो भी जिसके संपर्क में होगा, उसे समझाया जाए कि भाजपा ही जनहित में काम करेगी। वह इस चुनाव में भाजपा के साथ आ जाए। - कपिलदेव अग्रवाल, प्रभारी मंत्री बिजनौर