कुपोषण बच्चों के वजन के साथ-साथ खा रहा उनकी लंबाई भी
बिजनौर। खाने में पोषक तत्वों की कमी बच्चों के वजन के साथ-साथ उनकी लंबाई को भी खा रही है। जिले में इस बार पहली बार वजन के साथ-साथ लंबाई के आधार पर भी कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया है। जिले में करीब पांच हजार बच्चे ऐसे मिले हैं जिनकी वजन के अनुसार उनकी लंबाई कम है। इन बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने के लिए अब अभियान चलाया जाएगा।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण अब भी बहुत बड़ी समस्या बना हुआ है। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा कुपोषण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। हर महीने वजन के आधार पर कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है। आयु और वजन के आधार पर कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है। कुपोषण की वजह से बच्चों के वजन के साथ-साथ उनकी लंबाई भी प्रभावित हो रही है। पहली बार आयु के हिसाब से लंबाई को भी मापा गया है। देखा गया है कि बच्चों की आयु के अनुसार लंबाई के जो मानक हैं बच्चों की लंबाई उतनी बढ़ रही है या नहीं। इसके आधार पर चलाए गए अभियान में जिले में करीब पांच हजार बच्चे ऐसे मिले हैं जिनकी लंबाई और वजन दोनों मानकों से कम मिले हैं।
संतुलित आहार से खत्म होगा कुपोषण
प्रभारी जिला परियोजना अधिकारी नागेंद्र मिश्रा के अनुसार पोषक तत्वों वाले आहार से कुपोषण से मुक्ति पाई जा सकती है। कुपोषण को खत्म करने के लिए बच्चों को संतुलित आहार देने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।
परियोजनावार कुपोषित बच्चों की स्थिति
परियोजना कुल बच्चे कुपोषित बच्चे
अफजलगढ़ 18279 210
बिजनौर शहर 7193 146
देवमल 22093 279
धामपुर 26634 314
हल्दौर 9505 246
जलीलपुर 27817 152
खारी झालू 6640 78
किरतपुर 18184 292
कोतवाली 29235 1868
नहटौर 21772 477
नजीबाबाद 33702 232
नूरपुर 26158 228
स्योहारा 19341 407
कुल 266643 4929
नोट: आंकड़े विकास भवन से लिए गए हैं।