बिजनौर। देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा मैजुल साउथ अफ्रीका से यूं ही नहीं लौटा, बल्कि वीजा रद्द होने पर भारत आने को मजबूर हो गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही मैजुल को बिजनौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। रविवार को पुलिस ने चालान करते हुए अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
नांगल थाना क्षेत्र के गांव सौफतपुर निवासी मैजुल पिछले पांच साल से दक्षिण अफ्रीका में सैलून का काम करता था। पांच सालों से वह घर नहीं आया। पिछले साल मैजुल उस वक्त सुर्खियों में आया, जब उसके खिलाफ नांगल थाने में केस दर्ज हो गया। बता दें कि नवंबर माह में मेरठ के गांव सठला निवासी आकिब ने इंस्टाग्राम के जरिए वीडियो कॉल की। इस कॉल में मैजुल भी जुड़ा हुआ था, जिसमें आकिब ने एके-47 और हैंड ग्रेनेड का प्रदर्शन किया था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद 23 नवंबर को नांगल थाने में मामला दर्ज हुआ था। असलहा प्रदर्शन वाली वीडियो में मैजुल, आकिब, आजाद और उवैद मलिक जुड़े हुए थे। पुलिस और एटीएस की जांच में सामने आया था कि इनका आतंकी कनेक्शन है, जोकि पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में आकर भारत में रेल संचालन में गड़बड़ी, धार्मिक गुरुओं पर हमला और देश विरोधी क्रियाकलापों को अंजाम दिलाना चाहते थे। खैर बिजनौर पुलिस ने उवैद मलिक निवासी टांडामाईदास थाना नगीना देहात, जलाल हैदर निवासी गांव मुंडा खेड़ा नजीबाबाद और समीर निवासी निकट सुल्ताना का किला नजीबाबाद को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं इनामपुरा निवासी आजाद, मैजुल और आकिब के लुकआउट नोटिस जारी किए गए थे। आजाद और आकिब सऊदी अरब में रहते हैं। इन दोनों की गिरफ्तारी होना बाकी है।
अब शनिवार को मैजुल साउथ अफ्रीका से आया तो उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। रविवार को पुलिस ने मैजुल का चालान करते हुए अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि भारत में उसके खिलाफ केस दर्ज होने और लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद साउथ अफ्रीका में उसका वीजा रद्द करने के साथ ही 2031 तक के लिए बैन कर दिया गया है।