‘इस नवरात्र में पालकी पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा’
बिजनौर। धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा ने बताया कि इस साल शारदीय नवरात्र सात अक्तूबर से शुरू हो रहे हैं। इस बार नवरात्र में चतुर्थी तिथि का क्षय हो रहा है इसलिए नवरात्र इस बार आठ दिन के ही होंगे। उन्होंने बताया कि देवी भागवत पुराण के अनुसार हर नवरात्र में मां दुर्गा अलग अलग सवारी पर सवार होकर आती हैं, जो भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत देती हैं। इस बार मां दुर्गा पालकी में सवार होकर आ रही हैं। इसे महिला शक्ति के अभ्युदय का प्रतीक माना जाता है।
पंडित ललित शर्मा ने बताया कि धार्मिक ग्रंथों व पुराणों के अनुसार शारदीय नवरात्र मां दुर्गा की आराधना का श्रेष्ठ समय होता है। देवी भागवत पुराण के अनुसार हर नवरात्र में मां दुर्गा अलग अलग सवारी पर सवार होकर आती हैं जो भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत देती हैं। इस बार मां दुर्गा पालकी में सवार होकर आ रही हैं। इसे महिला शक्ति के अभ्युदय का प्रतीक माना जाता है। बताया कि सुबह छह बजकर 21 मिनट से सात बजकर 38 मिनट तक प्रथम शुभ चौघड़िया रहेगी। इस शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर सकते हैं। बताया कि नवरात्र में दो से नौ साल तक की कन्याओं का पूजन करना चाहिए। कहा कि तीन साल की कन्या को पूजने से पूरे परिवार का कल्याण होता है। चार साल की कन्या को पूजने से सुख-समृद्घि, पांच साल की कन्या को पूजने से रोगों से मुक्ति, छह साल की कन्या को पूजने से सुख और ऐश्वर्य, आठ साल की कन्या को पूजने से यश और विजय और नौ साल की कन्या को पूजने से सभी बाधाओं के दूर होने का आशीर्वाद मिलता है।