बिजनौर। प्राइवेट एंबुलेंस चालक नियमों को ताक पर रखकर एंबुलेंस में घरेलू गैस का प्रयोग कर रोगियों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। परिवहन विभाग और पुलिस की सख्ती के बावजूद एंबुलेंस में घरेलू गैस का प्रयोग बंद नहीं हो रहा है।
गंभीर रोगियों को जीवन देने के लिए एंबुलेंस से अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है लेकिन चालक एंबुलेंस में धड़ल्ले से घरेलू सिलिंडर से पंप द्वारा गैस भरते नजर आते हैं। कोई कार्रवाई न होने से इनके हौसले बुलंद हैं। हद तो यह है कि खुलेआम सड़कों पर ही या फिर अस्पतालों के सामने गैस सिलिंडरों से एंबुलेंस में गैस भरी जा रही है। परिवहन विभाग इस पर कोई रोक नहीं लगा पा रहा है। नवंबर में भी इस तरह का मामला उजागर होने पर अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था, लेकिन अफसरों की नींद फिर भी नहीं खुली या फिर वे किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं। एक गैराज पर खुले में एंबुलेंस में घरेलू गैस सिलिंडर से गैस डाली जा रही थी। शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल परिसर में एक एंबुलेंस चालक खुलेआम घरेलू गैस सिलिंडर से एंबुलेंस में गैस भरता नजर आया।
एआरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि एंबुलेंस में घरेलू गैस का प्रयोग किया जा रहा है तो यह नियम विरुद्ध है। वे अभियान चलाकर ऐसे चालकों की धरपकड़ करेंगे।