दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास
बिजनौर। एससी/एसटी एक्ट के विशेष न्यायधीश बलजोर सिंह ने अनुसूचित समाज की किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता शलभ शर्मा के अनुसार थाना धामपुर के एक गांव निवासी महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री 22 दिसंबर 2012 को शौच के लिए गन्ने के खेत में गई थी। सुबह करीब आठ बजे गजेंद्र उर्फ सिट्टू ने उसकी बेटी को दबोच लिया और दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर लोग एकत्र हो गए और उन्होंने पीड़िता को गजेंद्र से छुड़ाया। गजेंद्र मारपीट करता हुआ मौके से फरार हो गया। इस घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पीड़िता का बयान एसीजेएम के न्यायालय में दर्ज कराया गया। उसके पहने हुए कपड़े व रक्त के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया। इस मामले में सभी प्रमुख गवाह पक्षद्रोही हो गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दिए अपने निर्णय में कहा है कि अभियुक्त गजेंद्र को फर्जी फंसाए जाने का कोई आधार नहीं है। आरोपी गजेंद्र को पीड़ित किशोरी अच्छी तरह जानती पहचानती है और उसके पहचानने में कोई भूल नहीं हो सकती है। कोर्ट ने कहा है कि पीड़ित किशोरी के साथ दुष्कर्म किया गया है। अदालत ने आरोपी गजेंद्र को पीड़ित किशोरी से दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।