गैंगेस्टर एक्ट कोर्ट में हुई मुनीर की पेशी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट डा.विजय कुमार की कोर्ट में बृहस्पतिवार को गैंग लीडर मुनीर की पेशी हुई। मुनीर पर गैंग बनाकर अपराध करने व आतंक फैलाने का आरोप है। आरोप है कि बिजनौर में उसने अपने गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद व उसकी पत्नी फरजाना की हत्या की थी। साथ ही पीएनबी बैंक की कैशवैन से 91 लाख रुपये का कैश धामपुर से लूटा था।
शासकीय अधिवक्ता सलीम अख्तर के अनुसार गैंगेस्टर एक्ट के तहत दर्ज इस मामले में पीएनबी के मैनेजर दिनेश आर्य तथा केस के विवेचक वर्तमान में संभल के प्रभारी निरीक्षक धर्मपाल सिंह की गवाही न्यायालय में हुई। गवाहों ने तंजील अहमद हत्याकांड व पीएनबी के कैश की लूट की घटना की पुष्टि की। इस मामले में एसएचओ स्योहारा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि मुनीर अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ने गया था। वहां से वह अपराध जगत में घुस गया और कई बड़ी वारदातों को उसने अलीगढ़ में अंजाम दिया तथा अलीगढ़ पुलिस के निशाने में आ जाने पर वह दिल्ली में बाटला हाउस में रहने लगे।
दिल्ली में उसकी मुलाकात उसी के कस्बे सहसपुर के रहने वाले एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद से हुई। उसने यश बैंक में डेढ़ करोड़ की लूट को अंजाम दिया और धामपुर में 91 लाख रुपये की लूट की। मुनीर ने फ्लैट व हथियार खरीदने के लिए तंजील अहमद को मोटी रकम दी थी। तंजील अहमद द्वारा मुकर जाने पर मुनीर ने एक शादी में शामिल होने स्योहारा आए तंजील अहमद व उनकी पत्नी की हत्या कर दी थी।