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बेटे की हत्या में दोषी मां को उम्रकैद

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बेटे की हत्या में दोषी मां को उम्रकैद
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बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश नगीना मनमोहन सिंह ने अवैध संबंधों को लेकर हुई सत्यवीर की हत्या के मामले में उसकी मां को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में महिला के प्रेमी शफीक अहमद को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
शासकीय अधिवक्ता मुकुल राठौड़ के अनुसार कस्बा अफजलगढ़ के मोहल्ला किला निवासी कुलदीप सिंह ने थाने में दी तहरीर में बताया था कि उसका भाई सत्यवीर जो शादीशुदा था उसकी बीवी आशा पिता की मृत्यु होने के कारण मायके गई हुई थी। उसका भाई किसी बात को लेकर परेशान रहता था। 28 नवंबर 2013 की सुबह करीब सात बजे लोगों ने सत्यवीर के कमरे का दरवाजा खोलकर देखा तो उसका शव कमरे से लटक रहा था। तहरीर में आत्महत्या करने की बात कही गई थी। पुलिस ने जब इस मामले में सत्यवीर का पोस्टमार्टम कराया तो खुलासा हुआ कि सत्यवीर की हत्या की गई हैै।
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11 दिसंबर 2013 को आशा ने थाना अफजलगढ़ में तहरीर दी थी कि उसकी शादी दस माह पहले सत्यवीर से हुई थी। उसकी ससुराल में अफजलगढ़ के ही शफीक अहमद का प्रतिदिन आना जाना था। उसकी सास सुरेंद्र कौर के साथ बातचीत करता रहता था। एक दिन उसने व उसके पति सत्यवीर ने शफीक व सुरेंद्र कौर को संदिग्ध स्थिति में देख लिया था, जिसका उसने व उसके पति ने विरोध किया था। तब से शफीक अहमद व उसकी सास सुरेंद्र कौर दुश्मनी मानने लगे थे। इस मामले में शफीक अहमद, सुरेंद्र कौर व ननद मंजीत कौर ने अवैध संबंधों के विरोध पर उसे व उसके पति को सबक सिखाने की धमकी दी थी।
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21 नवंबर 2013 को उसके पिता का देहांत हो गया और वह अपने मायके चली गई। 27/28 नवंबर की रात में उसके पति सत्यवीर की शफीक अहमद, सास सुरेंद्र कौर व ननद मंजीत कौर ने एक राय होकर हत्या कर दी और उसे सूचित भी नहीं किया। पड़ोसियों के फोन से उसे सत्यवीर की मौत का पता चला। इस मामले में पुलिस विवेचना के दौरान मंजीत कौर की नामजदगी झूठी पाई गई और शफीक अहमद व सुरेंद्र कौर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दिए अपने निर्णय में सत्यवीर की मां सुरेंद्र कौर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और शफीक अहमद को साक्ष्य के अभाव में हत्या के आरोप से दोषमुक्त कर दिया है।
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