अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास
बिजनौर। एडीजे एससी, एसटी एक्ट डा. मनु कालिया ने एक अनुसूचित जाति की युवती का अपहरण कर उससे दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी सचिन को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना नहटौर क्षेत्र के एक गांव निवासी के अनुसूचित जाति के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 20 वर्षीय बहन चार जून 2017 की सुबह को अपने परिजनों को बिना बताए ही घर में रखी नकदी और मां का जेवर लेकर निकल गई थी। काफी तलाश करने पर भी उसकी बहन का सुराग नहीं लगा। युवती के भाई ने आशंका के आधार पर विपिन कुमार और उसकी मामी का नाम इस मामले में उनका हाथ बताया था। बरामदगी के बाद पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि विपिन ने उसे सचिन को सौंप दिया था और सचिन ने उसे कमरे में बंद रखा तथा उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने इस मामले में मोदीनगर निवासी सचिन के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। सचिन का अपने बयान में अदालत में कहा था कि उससे एक लाख रुपये लेकर विपिन ने उसकी शादी आर्य समाज स्योहारा में पीड़िता से कराई थी। वह दो माह तक उसके साथ घर में रही। दो माह बाद जब अपनी पत्नी को मिलवाने के लिए ससुराल आ रहा था तो पुलिस ने उसे पकड़कर बंद कर दिया। अदालत ने सचिन को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।