बालावाली में बाढ़ से बचाने के लिए रेलवे ट्रैक के पास बिछाई जा लॉन्चिंग एप्रन। स्रोत विभाग
बिजनौर। जम्मूतवी-कोलकाता रेल ट्रैक को गंगा की बाढ़ से बचाने की कवायद की जा रही है। इसी क्रम में लॉन्चिंग एप्रन (तार से बंधी पत्थरों की परत) बिछाने का काम चल रहा है जोकि 80 फीसदी तक हो चुका है। वहीं बालावाली के रेल पुल के गाइड बंध की लंबाई को बढ़ाकर एक किलोमीटर किया जाएगा जोकि अभी तक 430 मीटर लंबा है।
2025 के अगस्त माह में गंगा की धारा ने रुख बदला और पुल के गाइड बंध से बाहर आकर कटान करने लगी थी। रेल ट्रैक से सटा हुआ एक आम का बाग भी बाढ़ में बह गया था। बाग की करीब पचास बीघा जमीन को काटने के बाद धारा ट्रैक की तरफ बढ़ने लगी और महज 70 मीटर दूर ही रह गई थी।
इसके बाद रेलवे ने ट्रैक को बाढ़ से बचाने की योजना तैयार की। आईआईटी रुड़की ने लॉन्चिंग एप्रन डिजाइन किया। पत्थरों की परत को बिछाने का काम दो महीने से चल रहा है, जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। हालांकि बालावाली रेल पुल के गाइड बंध की लंबाई को बढ़ाने का काम अगले साल किया जा सकेगा क्योंकि वन विभाग से एनओसी लेने में देरी के चलते इस बार काम नहीं लग पाया।
रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर शैलेंद्र कुमार ने बताया कि 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। गंगा में जलस्तर बढ़ने से पहले बाकी कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।