बिजनौर। मौसम ने शुक्रवार अचानक करवट बदल ली। तेज हवाओं के साथ दिनभर बादल बरसते रहे। बादलों की गरज के साथ बारिश और सर्द हवाओं ने ठंड में इजाफा कर दिया। हालांकि यह बारिश रबी की फसलों के लिए मुफीद रही। बरसात के चलते अधिकतम तापमान में 11.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
नगीना स्थित मौसम वेधशाला के अनुसार शुक्रवार को जनपद का अधिकतम तापमान 13 डिग्री और न्यूनतम 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस था। 10.8 एमएम बारिश हुई। बरसात के साथ साथ ही करीब 20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चली।
चिकित्सकों की राय... गर्म कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकले : बदलते मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। बीते दिनों तेज धूप निकलने पर लोग कपड़े पहनने में लापरवाही बरत रहे थे। चिकित्सकों की माने तो इन दोनों लापरवाही व्रत में सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। लापरवाही की वजह से बुजुर्गों में अस्थमा, बुखार, दर्द की समस्या बढ़ रही है।
वहीं छोटे बच्चों में निमोनिया और डायरिया का अधिक खतरा है। मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. राजेश डाबरे ने बताया कि इन दिनों गर्म कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकले। सर्दी लगने पर गुनगुना पानी पिए, ठंडी चीजों से परहेज करें। ज्यादा जरूरी होने पर ही बुजुर्ग घर से बाहर निकले।
मौसम में आए इस बदलाव से जहां जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं किसानों के लिए यह बारिश राहत भरी साबित हुई।
नगीना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि बारिश फसलों के लिए अच्छी है। गेहूं, जौ, सरसों और चना जैसी रबी फसलों को प्राकृतिक सिंचाई का लाभ मिला है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार बेहतर होने और पैदावार में इजाफे की संभावना जताई जा रही है।
बिजनौर मे बारिश में छाता लगाकर जाते महिला पुरूष। संवाद
बिजनौर मे बारिश में छाता लगाकर जाते महिला पुरूष। संवाद