‘सनातन धर्म की गरिमा से ही भारतीय संस्कृति संरक्षित’
धामपुर। ग्राम नौरंगाबाद में चल रहे आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के दूसरे दिन कथावाचक नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सनातन धर्म की गरिमा बनाए रखने के लिए भारतीय संस्कृति को संरक्षित रखना बहुत जरूरी है।
ग्राम के पंचायत भवन में शनिवार को दूसरे दिन की कथा का शुभारंभ सामूहिक पूजन से किया गया, जिसमें जगदीश सिंह, अनुराधा रानी, सुनीता रानी, पिंकी रानी, हितांश कुमार, प्रशांत कुमार ने सहभागिता की। महोत्सव को पूर्व राज्यमंत्री ठाकुर मूलचंद चौहान, जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन ठाकुर अमित कुमार चौहान, ग्राम के प्रधान प्रदीप कुमार चौहान ने भी धर्मलाभ प्राप्त किया। कथावाचक नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि जनकल्याण के लिए प्रभु समय-समय पर विभिन्न स्वरूपों में अवतार लेते हैं। कृष्ण भगवान सभी के भाग्य विधाता है, जिनकी शरण में आने पर सांसारिक चिंताओं से प्राणी मुक्त हो जाता है। भगवान का नियमित सुमिरन करने से प्रभु की कृपा पात्रता प्राप्त होती है। श्रवण, मनन, चिंतन मात्र से ही सभी प्रकार के दुखों का नाश, सुखों की प्राप्ति होती है। कथा में शीषराम सिंह, राजेंद्र कुमार, राजाराम, देवराज सिंह, बलवीर सिंह, रामचंद्र सिंह, जगदीश सिंह रहे।