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भनेड़ा में बीमारी ने ले ली 14 जान, दर्जनों बीमार

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किरतपुर। गांव भनेड़ा में 14 लोगों ने बीमारी के चलते दम तोड़ दिया। इनमें 9 महिलाएं शामिल हैं। लगातार हो रही मौतों से गांव में दहशत व्याप्त है। अधिकांश में बताया जा रहा है कि सांस लेने में परेशानी और बुखार की समस्या थी। वहीं अभी भी कई लोग बीमार बताए जा रहे हैं।
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किरतपुर के भनेड़ा में सरकारी आंकड़ों में एक भी मौत कोरोना संक्रमित से नहीं हुई है। मगर पिछले कुछ समय में 14 लोगों की मौत हो चुकी हैं। ग्रामीणों की माने तो 23 अप्रैल को एक दिन में 8 मौतों ने पूरे गांव को हिला कर रख दिया है। नूर फातिमा पत्नी तहजीब, नसीमा पत्नी शमीम, रेशमा पत्नी शबाब आलम, हाजरा पुत्री कासिम, ताहिर पुत्र कादिर, सलमा पत्नी राशिद, ऋषि पाल सिंह पुत्र श्री राम, मुस्तकीम पुत्र इदरीस एक ही दिन में दम तोड़ दिया था। 24 अप्रैल से अब तक 6 और मौत हो चुकी हैं, जिनमें मोहसिन पुत्र नजर हैदर, सायरा पत्नी हनीफ, रामरति पत्नी किशन, मेहंदी हसन पुत्र अब्दुल अली, अल्लाहदई पत्नी तसलीम, गुलशन पत्नी अंसार हैं। उधर, गांव के हालातों की बात करें तो अभी भी कई लोग बीमार बताए जा रहे हैं।
गांव में कराया जाएगा सर्वे: डॉ. ईश्वरानंद
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ईश्वरानंद ने का कहना है कि बुखार व खांसी से बचाव एवं उचित उपचार के लिए सीएचसी किरतपुर आकर जांच अवश्य कराएं। गांव में सर्वे कराकर इलाज कराया जाएगा।
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कई लोगों की मौत से बन गया था भय का माहौल: प्रधान के पति
प्रधान पति कैलाश पाल ने कहा है कि ग्रामीणों की मौत बीमारी के कारण हुई थी। इससे लोगों में भय का माहौल बन गया था। गांव भनेड़ा में हुई है उनमें मरने वालों की अधिकतर संख्या युवा की रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से गांव में हेल्थ कैंप लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की मांग की है।
लापरवाही पड़ रही भारी
ग्रामीण तसलीम का मानना है कि कोरोना से बचाव के लिये शासन की गाइडलाइन का पालन जरूरी है। लोग लापरवाही करके अपनी और दूसरों क जान खतरे में डाल ररहे हैं। यह अफसोस की बात है कि हमारे गांव में एक माह में 14 से अधिक मौतें हो चुकी है।
गांव के हालात हो गए चिंताजनक
मिलाद अहमद का कहना है कि भनेड़ा में लोग बीमार हुए और उनकी जान चली गई। बीमारी का पता भले ही न चला तो, लेकिन यहां हालात चिंताजनक हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को यहां सर्वे कर लोगों का इलाज कराना चाहिए।
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