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शानदार: शपथ पूर्वक बयान करता हूं कि दहेज नहीं लूंगा, ऐसा बोलकर सरकारी नौकरी ढूंढने निकल रहे बिजनौर के युवा

Wed, 24 Nov 2021 12:28 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सरकारी नौकरी ढूंढने वाले युवा शादी में दहेज न लेने की शपथ लेकर अपने दस्तावेजों का सत्यापन करा रहे हैं। सरकारी नौकरी के लिए अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराने आ रहे युवाओं से नौकरी लगने के बाद शादी में दहेज न लेने का शपथपत्र लिया जा रहा है।
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कागजों का सत्यापन कराने पहुंचे युवक से शपथ पत्र लेते एसडीएम सदर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकारी नौकरी चाहिए तो लिखकर दें कि दहेज नहीं लूंगा। जी हां, आजकल यह शब्द उत्तर प्रदेश के बिजनौर में कलक्ट्रेट में सुनने को मिल रहे हैं। यहां सरकारी नौकरी के लिए अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराने आ रहे युवाओं से नौकरी लगने के बाद शादी में दहेज न लेने का शपथपत्र लिया जा रहा है। मंगलवार को एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह ने पहल की शुरुआत करते हुए एक युवक से शपथपत्र लेने के बाद ही उसके कागजों का सत्यापन किया। इसका मकसद समाज में फैली दहेज की कुरीति से लड़ना बताया।

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सरकारी नौकरी मतलब, इतने लाख का दहेज पक्का। क्लर्क हो तो 15 लाख, अफसर हो तो 50 लाख, अक्सर आपने सरकारी नौकरी लगते ही लड़के की ऐसी बोलियां लगती देखी होंगी। भले ही सभी दहेज न लें, पर समाज में फैली इस कुरीति से कोई अनजान भी नहीं है।

इसी कुरीति से लड़ने और सरकारी नौकरी के प्रयास में लगे युवाओं में दहेज को लेकर डर बैठाने, उनमें दहेज न लेने की इच्छाशक्ति जगाने के लिए जिला प्रशासन में एसडीएम सदर व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट देवेंद्र सिंह ने नई पहल शुरू की है। अब जो भी युवा कलक्ट्रेट में अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराने आएंगे, उन्हें शपथपत्र नोटरी से सत्यापित कराकर देना होगा। उस पर लिखना होगा कि जब सरकारी नौकरी लग जाएगी और उसके बाद शादी होगी तो उसमें दहेज नहीं लूंगा। इस पहल की पूरी कलक्ट्रेट में चर्चा हो रही है।
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बिजनौर में कागजों का सत्यापन कराने पहुंचे युवक से लिया गया शपथ पत्र। - फोटो : अमर उजाला
अर्मी में हुआ चयन, शाह फैसल ने दिया पहला शपथपत्र
गांव सुल्तानपुर टप्पा नांगल निवासी शाह फैसल ने इस नई परंपरा के तहत पहला शपथपत्र दिया। शाह फैसल ने शपथपत्र में लिखा कि उसका चयन इंडियन आर्मी में हुआ है। वह अभी अविवाहित है और अपने निकाह में कोई दहेज नहीं लेगा। इसके बाद यह शपथपत्र एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह को सौंपा।

हमने मंगलवार को शाह फैसल से पहला शपथपत्र लिया है। हमने स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि जिसकी भी सरकारी नौकरी लगी है या लगने वाली है और वह कागजों के सत्यापन के लिए आया है, उससे दहेज न लेने का शपथपत्र लिया जाएगा। शपथपत्र न देने वालों का सत्यापन नहीं होगा। इसका उद्देश्य लोगों को दहेज न लेने के प्रति जागरूक करना है।- देवेंद्र सिंह, एसडीएम सदर व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट

मैने खुद से की शुरूआत, लोग भी समझे दहेज लेना है अपराध
एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह ने कहा कि मैंने खुद की शादी में भी दहेज नहीं लिया। अपने से ही दहेज न लेने की शुरुआत की है। अब मैं सरकारी नौकरी में आने वाले युवाओं को भी प्रेरित कर रहा हूं कि दहेज न लें। शपथपत्र लेकर इसकी शुरुआत की जा रही है। यदि कोई दहेज लेता है तो यह कानून अपराध है, इसके लिए सजा का प्रावधान है। 
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