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अधूरा पड़ा मकान, आवास की आस में बन गए किराएदार

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नगीना। सरकार की मंशा गरीब को मकान देने थी, लेकिन अब इसे सिस्टम की लापरवाही कहें या कुछ और कि पहली किस्त से मकान की दीवारें तो बन गई, लेकिन दूसरी किस्त के इंतजार में छत नहीं पड़ी। ढाई साल पहले पहली किस्त आई थी। इसके बाद पुराना मकान तोड़ा तो परिवार को पड़ोस में ही किराये पर रहना पड़ा। पहली किस्त में 50 हजार रुपये मदद के लिए मिले थे, उधर गरीब परिवार अब तक किराये में 14 हजार रुपये से ज्यादा दे चुका है। वह लगातार दूसरी किस्त की गुहार लगा रहा है, ताकि मकान पर छत डल सके।
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नगर के मोहल्ला अकाबरान निवासी इशरत ने बताया की उनके 6 पुत्री व एक पुत्र है। जिस मकान में उनका परिवार रहता था। वह बहुत खराब स्थिति में था, जिसके चलते उन्होंने अपनी पत्नी अफशरूप के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनवाने के लिए आवेदन करा दिया था। इशरत की माने तो 2018 में प्रधानमंत्री आवास योजना में उनकी पत्नी का नाम आ गया तथा पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये भी खाते में पहुंच गए। उन्होंने बताया कि कुछ समय बाद उनकी पत्नी का देहांत हो गया तो उन्होंने डूडा के अधिकारियों से मिलकर अपनी पत्नी की बजाय आवास योजना में अपना नाम करा दिया। इशरत ने बताया कि करीब ढ़ाई साल से उनका मकान दूसरी किस्त की इंतजार में अधूरा पड़ा है। जिस कारण उनका परिवार बराबर में एक किराए के मकान में रहने के लिए मजबूर हो रहा है। डेढ़ साल में 800 रुपये प्रति माह के हिसाब से वह 14 हजार से ज्यादा रुपये किराये में दे चुका है।
मजदूरी कर पाल रहा परिवार
इशरत मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता है। उसने बताया कि उसकी 5 पुत्रियों की शादी हो चुकी है। मकान की दीवारें लिंटर डलने की इंतजार कर रही है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नया मकान बनाने का उनका सपना ना केवल अधूरा पड़ा है, बल्कि इस के चक्कर में उनका पुराना मकान भी टूट गया।
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दूसरी किस्त को काट रहे चक्कर
पालिका के सभासद मोहम्मद राशिद ने बताया कि इशरत का मकान उनके वार्ड में नहीं आता, लेकिन रिश्तेदारी की वजह से वह इस परिवार की मदद के लिए डूडा के अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं। राशिद का कहना है कि इशरत की फाइल वह दो बार बनवा कर विभाग को दे चुके हैं। लेकिन उसके बाद भी दूसरी किस्त का पैसा अभी तक ही आया। इस संबंध में डूडा के अवर अभियंता मोहम्मद अरशद ने बताया की अफशरी की मृत्यु के बाद उनके पति के नाम को आवास योजना में जुड़वा कर नाम भेज दिया गया है। विभाग की तरफ से सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं, शीघ्र खाते में रकम ट्रांसफर हो जाएगी।

नगीना मोहम्मद राशिद।- फोटो : BIJNOR

नगीना के इशरत- फोटो : BIJNOR

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