हिंदुओं को अपनी शक्ति पहचाननी होगी : प्रबोधानंद गिरि
नजीबाबाद। हिंदुओं को अपनी शक्ति पहचान कर आतंकवादी सोच की विचारधारा को देश से बाहर करना होगा। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरि ने विशाल हिंदू एकता महासम्मेलन में हिंदुत्व की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि हिंदुओं को अपनी शक्ति पहचाननी होगी।
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं किसान सेवा सहकारी समिति किरतपुर के चेयरमैन चौ. गजेंद्र सिंह की ओर से संगम बैंक्वेट हॉल में आयोजित महासम्मेलन में देश में बढ़ती आतंकवादी शक्तियों और आजादी के दौरान हुए बंटवारे को वक्ताओं ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। श्री पंचदस नाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरि ने हिंदुत्व की रक्षा का संकल्प दिलाया। कहा कि जो भारत को हिंदू राष्ट्र नहीं मानते, सनातन धर्म संस्कृति में विश्वास नहीं रखते, भारत भूमि पर सजदा करने के बावजूद वंदेमातरम बोलने में संकोच करते हैं उन्हें स्वत: ही देश छोड़कर चले जाना चाहिए।
हिंदू एकता महासम्मेलन में प्रबोधानंद गिरि ने इस्लामिक संस्थानों पर जन्नत के नाम पर जेहादी और आतंकी सोच विकसित करने का आरोप लगाया। उन्होंने ऐसे संस्थानों को तत्काल बंद कराने को कहा। उन्होंने कहा कि जो राम का नहीं वह किसी का नहीं हो सकता। इस मौके पर विहिप के विभाग समरसता प्रमुख ऋषिपाल सिंह, अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुधीर भुईयार, प्रखंड अध्यक्ष चौधरी मलखान सिंह, भाजपा नेता चौधरी गजेंद्र सिंह, ओमप्रकाश ने उनका अभिवादन किया। इस मौके पर डा. एलएस बिष्ट, दीपक वाल्मीकि, योगेंद्र राजपूत, प्रदीप चौहान, अक्षय चौधरी, रिंकू राणा, हरिराम, रितेश सैन, जुग्नेश कुमार सहित हिंदु संगठनों और जूना अखाड़े के अनेक साधु-संत उपस्थित रहे।
भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा
हिंदू एकता महासम्मेलन से पहले प्रेसवार्ता में महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरि ने कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा। उन्होंने लखीमपुर घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने मंत्री के बेटे को राजनीति के तहत घटना में खींचने की निंदा की।