स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं रेमडेसिविर इंजेक्शन
अजीत चौधरी
बिजनौर। कोरोना के खिलाफ दूसरी लड़ाई में सबसे ज्यादा डिमांड में रेमडेसिविर इंजेक्शन स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। विभाग के पास कुछ ही इंजेक्शन बचे थे, जिनकी एक्सपायरी डेट निकलने वाली थी। इन इंजेक्शनों को शासन को वापस भेज दिया गया है। अब शासन से इंजेक्शन की नई खेप मांगी गई है।
कोरोना की दूसरी लहर ने निजी व सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलकर रख दी थी। राष्ट्रीय कोविड सुपर मॉडल समिति ने साल 2022 की शुरुआत में कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना व्यक्त की है। माना जा रहा है कि फरवरी में तीसरी लहर बहुत तेज रहेगी। कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली हैं, लेकिन रेमडेसिविर इंजेक्शन का स्टॉक स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। रेमडेसिविर इंजेक्शन की दूसरी लहर के समय बहुत मांग थी। यह कोरोना के गंभीर मरीजों को लगाया गया था। बाजार में तब रेमडेसिविर की बहुत मांग थी। निजी दुकानों से तो ये खत्म ही हो गया था। शासन की ओर से विभाग को ये इंजेक्शन भेजे गए थे। कोरोना के बाद करीब 50 इंजेक्शन स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए थे। इन इंजेक्शनों की एक्सपायरी डेट निकलने वाली थी। डेट निकलने के बाद ये इंजेक्शन किसी काम के नहीं रहते। इन इंजेक्शनों को विभाग ने शासन को लौटा दिया था, लेकिन इनके बदले में नई खेप अब तक नहीं मिली है।
साढ़े तीन हजार रुपये का है इंजेक्शन
रेमडेसिविर एंटी वायरल इंजेक्शन होता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। बाजार में एक डोज की कीमत साढ़े तीन हजार रुपये है। कोरोना की दूसरी लहर में कई लोगों ने कई गुना कीमत देकर ये इंजेक्शन अपने घर खरीदकर रख लिए थे। कुछ लोगों ने तो बिना किसी से सलाह लिए बिना ही खुद को इंजेक्शन लगा लिए थे।
शासन को भेजी मांग : सीएमओ
सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल के अनुसार विभाग की ओर से रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग शासन को भेज दी गई है। जल्दी ही विभाग को इंजेक्शन मिल जाएंगे। जिले में कोरोना का कोई मरीज नहीं है। केवल गंभीर रोगियों को ही जरूरत पड़ने पर यह इंजेक्शन लगाया जाता है।