काला फंगस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
बिजनौर। जनपद में काला फंगस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अफसरों की मानें तो अभी तक जनपद में इस प्रकार का एक भी केस सामने नहीं आया है, लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर जिले भर के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। चिकित्सकों का कहना है इससे बिल्कुल भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। शुरुआती दौर में यह गुजरात और महाराष्ट्र आदि राज्यों में मिला था।
काला फंगस, म्यूकरमायकोसिस फंगस की वजह से होने वाला संक्रमण है। इंसान की नाक और बलगम में भी ये पाया जाता है। इससे साइनस, दिमाग, फेफड़े प्रभावित होते हैं। ये डायबिटीज के मरीजों या कम इम्युनिटी वाले लोगों, कैंसर या एड्स के मरीजों के लिए भी घातक हो सकता है। कोविड-19 के नोडल अधिकारी डा. पीआर नायर ने बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है कि यदि इस प्रकार की परेशानी वाला कोई मरीज मिले तो उसकी सूचना तुरंत ही जिला स्तरीय अधिकारियों को दें। उन्होंने बताया कि अभी तक जनपद बिजनौर के किसी भी कोरोना संक्रमित मरीज में ऐसे लक्षण नहीं पाए गए।
काला फंगस के लक्षण
इस बीमारी में मरीज में नाक बहना, चेहरों का सूजना, आंखों के पीछे वाले हिस्से में दर्द होना, खांसी, मुंह के न भरने वाले छाले, दांतों का हिलना और मसूड़ों में पस पड़ना आदि लक्षण दिखते हैं।