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होम आइसोलेशन में रखे गए पांच हजार ग्रामीण

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होम आइसोलेशन में रखे गए पांच हजार ग्रामीण
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बिजनौर। ग्रामीण बिना किसी डर व संशय के निगरानी समितियों के कोरोना सर्वे में सहयोग कर रहे हैं। निगरानी समितियों ने पांच लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों का कोरोना सर्वे कर लिया है। सर्वे के बाद पांच हजार से अधिक लोग होम आइसोलेशन में हैं। समितियां इन पर निगाह रखे हैं। सभी की स्वास्थ्य रिपोर्ट प्रतिदिन प्रशासन को भेजी जा रही है।
गांवों में कोरोना का फैलाव रोकने के लिए डोर टू डोर कोरोना सर्वे अभियान चल रहा है। इस काम में 1123 निगरानी समितियां लगी हैं। समितियों के अध्यक्ष ग्राम प्रधान है। पंचायत सचिव, आशा, आंगनबाड़ी, राशन डीलर, चौकीदार समिति के सदस्य हैं। सहायक विकास अधिकारी पंचायत सेक्टर प्रभारी हैं। समितियां अपनी रोजाना जांच रिपोर्ट प्रशासन को भेजती हैं। ग्रामीण बिना किसी डर के सदस्यों के सामने अपनी समस्या रख रहे हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 63,6467 परिवार हैं। यदि एक परिवार में तीन से चार सदस्य होते हैं। इस प्रकार गांवों में करीब 25 लाख से अधिक लोग हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि 13 मई तक 80 प्रतिशत अर्थात करीब 50,9163 परिवारों का कोरोना सर्वे पूरा हो गया है। बताया कि सर्वे में अभी तक अधिक गंभीर मामले सामने नहीं आए हैं। 5672 ग्रामीणों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। निगरानी समिति आइसोलेशन में रखे गए लोगों की रिपोर्ट रोजाना प्रशासन को भेज रही हैं। पंचायत घर व प्राथमिक विद्यालयों में आइसोलेशन सेंटर बने हैं। कोई भी व्यक्ति पंचायत घर के आइसोलेशन सेंटर में नहीं है।
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गंभीर मामलों की जांच के लिए है टीम
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि कोरोना सर्वे में यदि कोई गंभीर मामला मिलता है तो आरआरटी टीम द्वारा उसकी जांच कराई जाती है। केस पाजिटिव मिलने पर होम आइसोलेशन में रखा जाता है। यदि व्यक्ति के घर शौचालय नहीं हैं, तो पंचायत घर के आइसोलेशन वार्ड में रखा जाता है।
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प्रवासी कामगार नहीं मिले हैं गांवों में
डीपीआरओ ने बताया कि जिले के कामगार दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड आदि राज्य में काम करते हैं। निगरानी समिति प्रवासी कामगारों पर भी निगाह रख रही है। अभी तक गांवों में कोई प्रवासी कामगार नहीं मिला है। पिछले लॉकडाउन में करीब 17 हजार कामगार गैर राज्यों से अपने घर लौटे हैं।
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