बिजनौर। जनपद में गंगा के किराने फलदार पौधों के पेड़ों का कॉरिडोर बनाया जाएगा। यहा कॉरिडोर जनपद में गंगा शुरू होने से जिला अमरोहा की सीमा तक बनाया जाएगा। इसके लिए जनपद में गंगा किनारे बसे करीब 46 गांवों में दो सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में पौधे लगाए जाएंगे। इस बागवानी व कॉरिडोर में आम, अमरूद, नींबू, कटहल, लीची, मौसमी आदि फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इस पहल से न सिर्फ गंगा का क्षेत्र का पर्यावरण शुद्ध रहेगा, बल्कि किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने, गंगा किनारे हरियाली रखने तथा गंगा की धारा अविरल बनाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गंगा स्वच्छता अभियान की शुरूआत भी बिजनौर गंगा बैराज से की थी। वजह, उतराखंड के उपरांत गंगा उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आती है। सरकार के निर्देश पर कई विभागों के सहयोग से गंगा किनारे जैविक खेती कराई जा रही है। इसीक्रम में गंगा किनारे के गांवों में फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे। जनपद में गंगा किनारे दो सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में फलदार पौधे लगाएं जाएंगे। इस पहल से गंगा किनारे गांव हरे भरे रहेंगे। फलदार बाग से किसानों की आय भी बढ़ेगी। साथ ही जैविक खेती व बागवानी से गंगा स्वच्छ व पर्यावरण शुद्ध रहेगा।
किसानों की बढ़ेगी आय
अभियान के तहत जनपद के 46 गांवों में बागवानी की जाएगी। इस बागवानी में सभी पौधे फलदार होंगे। करीब तीन साल बाद इन पौधों पर फल आने शुरू हो जाएंगे। इतने किसान इनके बीच में फसल ले सकते हैं। सरकार की ओर से इन किसानों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। तिमाही सहयोग तीन साल तक किसान को मिलेगा।
एक किसान एक हेक्टेयर में लगा पाएगा बाग
नमामि गंगे औद्यानिक विकास योजना के तहत एक किसान एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में अधिक से अधिक फलदार पौधों का बाग लगा सकता है और कम से कम 0.2 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पौधे रोपित कर सकते हैं।
बोले अधिकारी
गंगा किनारे फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे। इसके लिए शासन से दिशा निर्देश मिल गए है। गंगा किनारे फलदार पौधे के बाग लगने से पर्यवरण अच्छा होगा, वहीं किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। फलदार पौधे की देखरेख के लिए किसानों को आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। -जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।