फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीआईसी बिजनौर नहीं बनेगा मूल्यांकन केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
जीआईसी बिजनौर नहीं बनेगा मूल्यांकन केंद्र
विज्ञापन

बिजनौर। जिले का सौ वर्ष से अधिक पुराना राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर इस बार यूपी बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन केंद्र नहीं बनेगा। प्रशासन ने जिले में तीन मूल्यांकन केंद्र बनाने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेजा है। मूल्यांकन केंद्रों पर हर साल हाईस्कूल व इंटर की करीब चार लाख कापियां जांची जाती हैं।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा 12 अप्रैल को समाप्त हो गई। उत्तर पुस्तिका संकलन केंद्रों पर पहुंच गई हैं, अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारी है। मूल्यांकन के लिए दूसरे जिलों की कापी आती है। परीक्षक जिले के माध्यमिक विद्यालयों के होते हैं। शासन से विद्यालयों को मूल्यांकन केंद्र बनाने के मानक तय है। मूल्यांकन केंद्र जिला मुख्यालय पर होते हैं। प्रशासन मानकों का परीक्षण करके मूल्यांकन निर्धारण के लिए विद्यालयों के नाम शासन को मंजूरी के लिए भेजता है। अभी तक जिले में चार मूल्यांकन केंद्र बनते आए हैं। इनमें दो मूल्यांकन केंद्र इंटर व दो मूल्यांकन केंद्र हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिका जांचने के लिए होते हैं।
विज्ञापन

तीन मूल्यांकन केंद्र का भेजा प्रस्ताव
प्रशासन ने इस बार जिले में चार के स्थान पर तीन मूल्यांकन केंद्र बनाने कि प्रस्ताव शासन को भेजा है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि आरजेपी इंटर कॉलेज बिजनौर, जीजीआईसी बिजनौर तथा बीआईसी को मूल्यांकन केंद्र बनाने का प्रस्ताव मंजूरी को भेजा गया है। जीआईसी बिजनौर को मूल्यांकन केंद्र बनाने का प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। क्योंकि जीआईसी बिजनौर का भवन जर्जर घोषित है।
विज्ञापन

भवन तैयार, नहीं हुआ हैंडओवर
तकनीकी टीम ने कई साल पहले जीआईसी बिजनौर का भवन जर्जर घोषित कर दिया था। नया भवन बनकर तैयार है। हस्तांतरण का मामला अटका हुआ है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि यदि शासन से चार मूल्यांकन केंद्र बनाने के निर्देश मिलते हैं तो केपीएस बिजनौर को मूल्यांकन केंद्र बनाया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें