पात्रों को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ दिलाएं: डीएम
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एडीएम प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में लाभार्थी की पात्रता की जांच के लिए अधिशासी अधिकारी तथा तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार को नामित करें।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना राज्य सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्र के गरीब और असहाय लोगों को उनकी निजी भूमि पर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भी अपने आवास में रह सकें। उन्होंने परियोजना अधिकारी डूडा को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की पात्रता की जांच पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कर पात्र को उसका लाभ पहुंचाएं। किसी भी अपात्र का इस योजना में चयन नहीं होना चाहिए।
उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देशित कि वे स्वयं भी प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लाभार्थी की पात्रता एवं निर्मित प्रधानमंत्री शहरी आवासों की रेंडमली जांच करें और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाएं। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन भगवान शरण दास, डूडा के परियोजना अधिकारी नरेंद्र कुमार मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।