किशोरी ने खो नदी में लगाई छलांग
शेरकोट (बिजनौर)। धामपुर थाने के गांव निवासी एक किशोरी ने शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे शेरकोट में हाईवे-74 पर बने नए पुल से खो नदी में छलांग लगा ली। किशोरी को जैसे ही वहां मौजूद लोगों ने छलांग लगाते देखा तो शोर मचा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बैराज से गेटों को उठवाकर पानी कम कराया। करीब एक दर्जन गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम ने किशोरी को नदी में तलाशने का प्रयास किया। लेकिन शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका।
बताया गया कि धामपुर थाने के गांव निवासी किशोरी ने शेरकोट में बने नए पुल से खो नदी में छलांग लगा दी। लोगों ने शोर मचाते हुए उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह गहरे पानी में समा गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों को नदी में उतारा। एनडीआरएफ की टीम को बिजनौर से बुलाया गया और किशोरी की तलाश शुरू कराई गई। नदी का पानी कम करने के लिए बैराज के सभी गेटों को उठवा दिया गया। किशोरी के परिजनों को भी सूचना देकर बुला लिया गया है।
किशोरी धामपुर के एक कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है। उसकी मां घटना के बाद से बेसुध है। शाम तक मौके पर भीड़ जुटी रही और पुलिस भी मौके पर रही। गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम के लाख प्रयास के बाद भी किशोरी का कुछ पता नहीं चल सका। सीओ सुनीता दाहिया का कहना है कि पहला काम किशोरी को तलाश कराना है, उसके बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है।
चप्पलों के पास रखा मिला सुसाइड नोट
सीओ सुनीता दाहिया ने बताया कि किशोरी की मां ने किशोरी की पुल पर रखीं चप्पलों और चुंदरी को पहचानकर बेटी की बताया। चुंदरी के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिस पर लिखा है कि इसमें किसी का कोई गलती नहीं है। सिर्फ मैं जीना नहीं चाहती हूं। सोरी मम्मी, मैं और जीना नहीं चाहती हूं। और किसी को भी कुछ नहीं कहेंगे। किसी को भी यह कॉपी मिले तो इस नंबर पर कॉल कर दें कि यह मर चुकी है। सोरी।