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जीनोम सिक्वेंस से पता लगेगा कोरोना का वेरिएंट

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जीनोम सिक्वेंस से पता लगेगा कोरोना का वेरिएंट
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बिजनौर। कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है। जिले में कोई भी नया केस मिलने पर उसकी जीनोम सिक्वेंस जांच कराई जाएगी। देखा जाएगा कि मरीज में कौन सा वेरिएंट है और उनमें क्या लक्षण आ रहे हैं। मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की भी जांच की जाएगी।
जिले में कोरोना का आखिरी केस 29 सितंबर को आया था। दिल्ली से आई एक महिला संक्रमित मिली थी। तब से कोई कोरोना केस नहीं आया है। हालांकि हर रोज मरीजों की सैंपलिंग की जाती है। आरटीपीसीआर और एंटीजन टेस्ट किया जाता है। दूसरी लहर में डेल्टा वेरिएंट का प्रकोप था और अब नया वेरिएंट ओमिक्रॉन आ गया है। ओमिक्रॉन के बारे में अभी कुछ ज्यादा जानकारी भी नहीं है। संभावित मरीजों के सैंपल की लगातार जांच की जा रही है। गनीमत है कि दो महीने से ज्याद समय से जिला कोरोना से मुक्त है। विदेशों से आने वालों पर भी पूरी निगरानी रखी जा रही है।
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विभाग नए वेरिएंट को लेकर भी पूरी तरह चौकस है। जांच में अगर कोई कोरोना संक्रमित मिलता है तो उसके वेरिएंट का पता लगाया जाएगा। जीनोम सिक्वेंस से देखा जाएगा कि मरीज में कौन सा वेरिएंट है ओमिक्रॉन, डेल्टा या अन्य कोई वेरिएंट।
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62 लोग आए हैं विदेश से
विदेशों से आने वाले लोगों की भी जांच की जा रही है। 29 नवंबर तक जिले में विदेशों से 62 लोग आए हैं। इनमें से ज्यादातर की जांच हो चुकी है। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। बाकी के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी व सैंपलिंग कार्य देख रहे डॉ. बीएस रावत के अनुसार कोरोना की लगातार जांच की जा रही है। जिला अभी कोरोनामुक्त है। सभी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और मास्क लगाकर रखें।
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