बिजनौर। बिजनौर बैराज के गंगा तट पर आस्था और उल्लास का अनूठा संगम बना हुआ है। 11000 दीयों की रोशनी ने गंगा उत्सव को मनमोहक बना दिया। गंगा आरती-पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से माहौल भक्तिमय बना रहा। गंगा जल की पवित्रता को बरकरार रखने के लिए स्वच्छता का संदेश दिया गया।
मंगलवार को गंगा एवं दीपावली उत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने कहा कि इस उत्सव का उद्देश्य गंगा की पवित्रता, निर्मलता और पवित्रता के प्रति जनसामान्य को जागरूक करना है। गंगा का धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण स्थान है, जो जीवन में शिशु के जन्म से अंतिम क्रिया तक महत्व रखता है। कार्यक्रम की शुरुआत छात्र-छात्राओं द्वारा गंगा संरक्षण एवं नमामि गंगे पर शानदार प्रस्तुति के साथ हुई। विवेक कॉलेज, केपीएस कॉलेज, आर्य वैदिक इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने रामायण, महाभारत, राष्ट्रभक्ति प्रसंगों पर धार्मिक संगीत और नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि गंगोत्सव के आयोजन का उद्देश्य गंगा संरक्षण के कार्यक्रम में गंगा की स्वच्छता तथा उसकी सांस्कृतिक पहचान को ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच तक पहुंचाने का है। उन्होंने कहा कि गंगा का संरक्षण वास्तव में भारत की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति, धार्मिकता और पौराणिकता का भी संरक्षण है। गंगा तट पर 11000 दीये जलाए गए और आतिशाबाजी भी हुई। विवेक कॉलेज के डायरेक्टर अमित गोयल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम हमारी पौराणिक संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते हैं। सीडीओ केपी सिंह, एडीएम वित्त प्रीति जायसवाल, एडीएम प्रशासन विनय कुमार सिंह, एसडीएम सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी तथा सम्मानित नागरिक मौजूद रहे।
सूफी गायक अमित कैलाशा ने बांधा समा
गंगोत्सव में सूफी गायक अमित कैलाशा ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें गंगा नदी के महत्व को उजागर करते हुए उसे भारतीय परंपरा एवं संस्कृति की मूल बताया। गायत्री परिवार की ओर से भव्य गंगा आरती की गई। इस अवसर पर गंगा के घाट मनमोहक छटा बिखेरते हुए दिखे तथा जन-जन की अंतरात्मा श्रद्धा भाव से जागृत हो उठी।