नजीबाबाद में उपचार के दौरान महिला की मौत के बाद परिजनों ने महिला अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सालय प्रभारी और आशा पर हजारों की नगदी लेने के बावजूद उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया।
गांव मौअज्जमपुर तुलसीगढ़ी निवासी इफ्तखार की पत्नि गुड्डो (40 वर्ष) को उपचार के लिए राजकीय महिला अस्पताल लाया गया। चार माह की गर्भवती गुड्डो की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। महिला के पति इफ्तखार और देवर शहजाद का आरोप था कि खून की कमी होने का तर्क देते हुए जब उन्होंने मरीज को बाहर ले जाने की बात कही तो महिला चिकित्सक ने 25 हजार रूपये जमा कराने पर इलाज की बात कही।
परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक डॉ.कुमुद ने 19 हजार रूपये तथा आशा तसलीमा ने चार हजार रूपये लेने के बावजूद उपचार में लापरवाही की जिससे गुड्डो की मृत्यु हो गई। आरोप है कि मृत्यु के बाद चिकित्सक ने आनन-फानन में मृतक गुड्डो को एंबुलेंस में रखवाकर कहीं ले जाने का प्रयास किया।
अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत की खबर से हड़कंप मच गया। महिला का मायका जलालाबाद होने से मौअज्जमपुर तुसली और जलालाबाद के बड़ी संख्या में ग्रामवासी अस्पताल पहुंच गए। सपा जिला महासचिव मकसूद कुरैशी, सपा नगर अध्यक्ष हाजी मो. फैसल, जलालाबाद चेयरमैन मो. याकूब राईन, वरिष्ठ सपा नेता मुनव्वर अली, ग्राम प्रधान मो. खादिम ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी की।
परिजनों इफ्तखार, शहजाद, मुस्तकीम राईन, अली हसन, नासर, मो.साजिद का आरोप था कि चिकित्सक के खिलाफ हजारों की धनराशि वसूलने तथा इलाज में लापरवाही की तहरीर सौंपने के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। परिजनों ने मुआवजा और रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर हंगामा किया। थाना प्रभारी अजीत सिंह, एसएसआई शाहिद अली के नेतृत्व में पुलिसबल अस्पताल में मौजूद रहा।
उधर महिला चिकित्सक प्रभारी डॉ.कुमुद ने पैसे लेने के आरोप को निराधार बताया। चिकित्सक का कहना था कि झोलाछाप चिकित्सक से इलाज कराने से हालत बिगड़ने के बाद महिला को अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करते समय उसकी मृत्यु हुई।