बिजनौर में गांवों के बाद अब शहरों में स्वच्छ भारत मिशन की ओडीएफ (ओपन डेफिकेशन फ्री) मुहिम रंग लाने लगी है। जिले की चार नगर पालिकाएं व पंचायतें ओडीएफ हो गई हैं। यहां खुले में शौच जाने वालों को चेतावनी जारी की गई है। खुले में शौच से रोकने के लिए नगर पंचायत की टीम गठित की गई है। फिर भी कोई खुले में शौच जाता है तो उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
बीते साल की शुरुआत में गांवों में खुले में शौच जाना बंद कराने के लिए अभियान चलाया गया था। अधिकारियों ने गांव गोद लेकर ग्रामीणों को खुले में शौच न जाने के प्रति प्रेरित किया था। खुले में शौच जाने वालों के खिलाफ मुचलका पाबंद जैसी कार्रवाई भी की गई थी। इसका असर भी देखने को मिला था। पिछले साल नगर पालिका व पंचायतों में भी ओडीएफ अभियान शुरू किया गया था। घरों में शौचालय बनवाने के लिए परिवारों को आठ हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई थी। सार्वजनिक शौचालय भी बनवाए गए थे।
इस मुहिम का असर भी दिखाई दिया है। प्रशासन द्वारा बिजनौर नगर पालिका व झालू, साहनपुर, जलालाबाद पंचायतों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। झालू नगर पंचायत में 16 सार्वजनिक शौचालय व करीब 200 व्यक्तिगत शौचालय बनवाए गए हैं। बिजनौर नगर पालिका के ईओ इंद्रपाल सिंह, झालू/साहनपुर नगर पालिका के ईओ विजेंद्र पाल सिंह के अनुसार ओडीएफ में उनका क्षेत्र शामिल हो चुका है। अब खुले में शौच जाने वालों के खिलाफ अर्थदंड लगाया जाएगा और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।