बिजनौर। वाणिज्य कर विभाग की टीम ने कर चोरी पकड़ने के लिए एक आटा मिल में सर्वे किया। यहां टीम को चार करोड़ का माल संदिग्ध लगा। इसके कर भुगतान की स्थिति जांचने के लिए छानबीन शुरू कर दी गई। सर्वे के दौरान मिल मालिक ने जांच टीम को एकाउंट बुक नहीं दी। इसके चलते विभागीय टीम ने बाकी कागजात कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।
विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा के ज्वाइंट कमिश्नर नागेंद्र प्रसाद एवं डिप्टी कमिश्नर वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने चांदपुर में एक आटा मिल में यह सर्वे किया। जांच टीम का कहना है कि शुरूआती तौर पर चार करोड़ की कीमत का माल बगैर कर भुगतान श्रेणी का नजर आ रहा है। लेकिन इसकी पूरी जांच की जाएगी।
विभागीय टीम के अनुसार प्रदेश से गेहूं खरीदने पर चार प्रतिशत टैक्स देना होता है। जांच में माल ऐसे राज्यों से भी खरीदा गया जहां पर टैक्स देय नहीं होता है। विभाग ने इस माल को लाने वाले वाहनों के नंबर भी ले लिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि माल इन वाहनों से लाया भी गया था या नहीं।
जांच के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर विवेक उपाध्याय, जेके रमन, हीरालाल जायसवाल, अरूण कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। ज्वॉइंट कमिश्नर नागेंद्र प्रसाद के अनुसार मिल के कागजों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट पूरी होने के बाद मिल मालिक को नोटिस भेजा जाएगा।