बिजनौर। हरियाणा के अफसरों ने बिजनौर में भ्रूण लिंग की जांच के खेल का भंडाफोड़ किया है। शहर के रॉयल आरजे अस्पताल में गर्भवती का अल्ट्रासाउंड करते हुए भ्रूण के लिंग के बारे बताया गया तो हरियाणा की टीम ने छापा मारा। यूनानी चिकित्सक अल्ट्रासाउंड करता मिला, टीम ने आरोपी चिकित्सक समेत तीन आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस मामले में बिजनौर के पीसीपीएनडीटी के नोडल डॉ. केके राहुल ने शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस ने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय रोहतक को बिजनौर में भ्रूण लिंग की जांच की सूचना मिली। इसके बाद प्लान के तहत रोहतक के नोडल अफसर विश्वजीत राठी के नेतृत्व में टीम ने बिजनौर की महिला सुमन से संपर्क साधा। जिसने बीस हजार रुपये में भ्रूण की जांच करवाने की हामी भरी। रोहतक की एक गर्भवती महिला का टीम ने सहयोग लिया। जिसे खरखौदा सोनीपत भेजा गया, जहां डॉ. तमन्ना ने किराए की गाड़ी करके उक्त गर्भवती को बिजनौर भेजा।
बिजनौर में शक्ति चौराहे पर एक दलाल मिला जोकि उन्हें विदुरकुटी रोड स्थित रॉयल आरजे अस्पताल ले गया। इस अस्पताल में डाॅ. मसूद जावेद निवासी मोहल्ला मिर्दगान ने गर्भवती का अल्ट्रासाउंड किया। जिस पर तुरंत ही टीम ने छापा मार दिया। डॉ. मसूद के पास अल्ट्रासाउंड करने की योग्यता, डिग्री भी नहीं थी। वह यूनानी चिकित्सक है और पंजीकृत भी नहीं है। टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन को सीज कर सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में ली। टीम ने आरोपी चिकित्सक डॉ. मसूद जावेद, ड्राइवर साहित और एक बाल अपचारी को पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि तीनों को थाने से नोटिस देकर छोड़ दिया गया। बताया गया अस्पताल में भ्रूण लिंग की जांच इससे पहले भी हरियाणा की दिव्या करा चुकी है।