बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत मित्तल ने सौरभ की हत्या के मामले में बाप-बेटे को दोषी पाया है और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता आमोद त्यागी ने बताया कि थाना चांदपुर में गांव अहरौला निवासी हरिराज ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें कहा गया कि 24 मई 2023 को उसका भाई जयकरण, भतीजे केशव और रेशव खेत से घर आ रहे थे। रास्ते में नेपाल और उसके बेटे निगम ने जान से मारने की नियत से लाठी-डंडे और धारदार हथियार से हमला बोल दिया। नेपाल और उसकी पत्नी कुसुम ने शोर मचाते हुए कहा कि मारो। इसके बाद लाठी-डंडों से वार किया गया, जिसमें उसका भाई और भतीजे घायल हो गए। बीच-बचाव करने के लिए उसके बेटे सौरभ पर आरोपी निगम ने तमंचे से गोली चला दी, जिसमें सौरभ की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में निगम पुत्र नैपाल, नैपाल और कुसुम पत्नी नैपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने सुनवाई करते हुए नैपाल और उसके बेटे निगम को दोषी पाया जबकि कुसुम को दोषमुक्त कर दिया। अभियुक्त बाप-बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।