बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कल्पना पांडेय ने मूक बधिर किशोरी से दुष्कर्म में फहीम को दोषी पाया है और उसे पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भालेंद्र राठौर ने बताया कि थाना नगीना में एक गांव की रहने वाली महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि 20 सितंबर 2024 पड़ोस में रहने वाला फहीम घर में घुस आया, जिसने उसकी 13 साल की बेटी को अकेला पाकर दुष्कर्म किया। बेटी के रोने की आवाज आने पर दूसरी बेटी ने कमरे में जाकर देखा तो वह रो रही थी। उसे देखकर आरोपी फहीम भाग गया। पीड़िता बोल नहीं सकती थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद आरोपी फहीम को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। इसके साथ ही आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत ने सुनवाई के बाद अभियुक्त फहीम को दोषी पाते हुए पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है।