गन्ना मूल्य में वृद्धि न होने पर भड़के किसान
नजीबाबाद। तीन सालों से गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं होने पर भड़के किसानों ने तहसील परिसर में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाकियू (लोक शक्ति) और किसानों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
भाकियू (लोक शक्ति) के जिलाध्यक्ष चौ. वीर सिंह सहरावत के नेतृत्व में सोमवार को कार्यकर्ताओं और किसानों ने तहसील परिसर पहुंचकर प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि बिजनौर जिले के किसानों की आय का प्रमुख स्रोत गन्ने की खेती है। प्रदेश सरकार किसान विरोधी रवैया अपना रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से गन्ना मूल्य में वृद्धि कर गन्ना मूल्य घोषित करने, किसानों को 24 घंटे बिजली की व्यवस्था कराने, तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए विभिन्न मांगों का ज्ञापन एसडीएम बृजेश कुमार सिंह को सौंपा है। इस अवसर पर यूनियन के महासचिव अजयपाल सिंह, नागेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, अमरीश कुमार, पद्म सिंह, डालचंद्र, गजराज सिंह, नरेश सिंह, डॉ. अरुण कुमार, विकास सिंह, पुष्पेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। किसान विरोधी सरकार है भाजपा- अचल शर्मा
नजीबाबाद में ही राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन आईटी सेल के जिलाध्यक्ष अचल शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने तीसरे साल भी गन्ने के दामों में वृद्धि नहीं करके साबित कर दिया है कि वह किसान हितैषी नहीं, किसान विरोधी सरकार है। उन्होंने कहा कि तीन साल से डीजल, खाद, बिजली की दरें बढ़ी, लेकिन प्रदेश सरकार ने किसानों के गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया।