‘अवशेष जलाने के नाम पर किया जा रहा किसानों का शोषण’
बिजनौर। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि खेते में फसलों के अवशेष जलाने के नाम पर पुलिस किसानों को परेशान कर ही है। पर्यावरण प्रदूषित होने के लिए केवल किसान को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। फैक्टरियों के धुएं आदि की ओर सभी ने आंख मूंद रखी हैं।
गन्ना समिति में प्रेस वार्ता में दिगंबर सिंह ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण का बुरा हाल खुद लोगों की वजह से है। वहां यमुना के प्रदूषण पर एनजीटी के अधिकारी क्यों नहीं बोलते हैं। किसान को दबा हुआ मानकर सारा दोष उनके ही सिर मढ़ा जा रहा है। कहा कि किसान सबसे ज्यादा पौधरोपण करता है। अगर किसान खेत में पत्ती गलाता है तो दीमक लगने का खतरा रहता है। अब किसान द्वारा बोए जा रहे 0238 गन्ने में तो ज्यादा पत्ती वैसे भी नहीं रहती है। कहा कि मंडावली के किसान को फसल अवशेष जलाने में जेल भेज दिया, लेकिन सड़क पर कूड़ा जलाने के मामले नगर पालिका के किसी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब पुलिस और लेखपाल किसान को जेल भेजने की धमकी देकर उनसे रुपये ऐंठने में लगे हैं। कहा कि पुलिस को खेतों से पत्ती उठाने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। अगर पुलिस पत्ती नहीं उठवाती तो बिना किसी धरना-प्रदर्शन के किसान थानों में पत्ती भर देंगे। इस दौरान तमाम किसान मौजूद रहे।