नींदड़ू। राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ नींदड़ू खास के राजस्व ग्राम कमालपुर और फतेहाबाद में मौजूद शत्रु संपत्ति को कब्जा मुक्त कराते हुए उसे लखनऊ से आए शत्रु संपत्ति अभिरक्षक विभाग के सर्वेयर के हवाले कर दी। बाद में नियमानुसार उक्त कृषि भूमि की नीलामी की जाएगी।
मोहल्ला सादात में अजीम हैदर, सईद हैदर, रईस हैदर और शमीम हैदर चार भाई सपरिवार रहते थे। आजादी के बाद बंटवारे के समय चारों भाइयों में सबसे बड़े भाई अजीम हैदर पाकिस्तान चले गए। उनके पाकिस्तान जाने के बाद उनकी कृषि भूमि और आवास की देखरेख छोटे भाई सईद हैदर करने लगे। 1965 की चकबंदी के समय सरकार ने भारत से पलायन कर पाकिस्तान जाने वाले लोगों की संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया।
शत्रु संपत्ति पर किसी व्यक्ति का अधिकार नहीं रहने के बावजूद सईद हैदर का पुत्र निहाल हैदर दोनों भू-खंडों में निरंतर खेती करता आ रहा था। राजस्व विभाग की ओर से उसे स्वत: भूमि से कब्जा छोड़ने के कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन निहाल की ओर से जमीन को कब्जा मुक्त नहीं किया गया।
मंगलवार को अपराह्न करीब चार बजे नायब तहसीलदार कपिल कुमार आजाद के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ नींदड़ू खास के राजस्व ग्राम कमालपुर पहुंची तथा वहां मौजूद शत्रु संपत्ति की कृषि भूमि खसरा संख्या 85 रकबा 1.058 हेक्टेयर को चिह्नित कर उसमें खड़ी गन्ने की फसल को ट्रैक्टर के माध्यम से जुतवाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ग्राम फतेहाबाद में पहुंची तथा शत्रु संपत्ति की भूमि खसरा संख्या 69 रकबा 0.119 हेक्टेयर में खड़ी गन्ने की फसल पर ट्रैक्टर चलवा कर उसे कब्जा मुक्त कराया। दोनों भू-भाग पर निहाल हैदर खेती करते चले आ रहे थे। राजस्व विभाग की टीम ने शत्रु संपत्ति के दोनों खसरा नंबरों को कब्जा मुक्त कराने के बाद उसे शत्रु संपत्ति अभिरक्षक विभाग कार्यालय लखनऊ से आए सर्वेयर मनोज धामा के सुपुर्द कर दिया। कृषि भूमि के इन दोनों भू-खंडों की नियमानुसार बाद में नीलामी की जाएगी।
राजस्व विभाग की टीम में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक रामानंद, लेखपाल अंजलि त्यागी, प्रभात चौधरी, छत्रपाल कुमार, कौशिक कुमार, चंद्रशेखर तथा पुलिस बल के अलावा काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।