बिजनौर में उत्तर प्रदेशीय मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने लखनऊ में प्रशासनिक अधिकारी आैर कर्मचारियों से अधिवक्ताओं द्वारा मारपीट के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि पीड़ित कर्मचारियों को इंसाफ नहीं दिया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि इस मामले में उलटे अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज करा दी हैं। इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष सतीश वर्मा, महामंत्री सतीश चौधरी, राजेंद्र सिंह, मोहम्मद उस्मान, नरेश कुमार, ईश्वर गुप्ता आदि मौजूद रहे।
नजीबाबाद में भी कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। हड़ताली कर्मचारियों ने तहसील परिसर में धरना देकर लखनऊ में हुए वकीलों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट का विरोध किया। संघ के शाखा अध्यक्ष अनिल शर्मा, मंत्री तसलीम बेग, प्रशासनिक अधिकारी बाबूराम सैनी के नेतृत्व में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने सरकार के कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
कर्मचारियों ने लखनऊ में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ वकीलों द्वारा दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने पर रोष व्यक्त किया। शाखा अध्यक्ष और सचिव ने घोषणा की जब तक कर्मचारियों को न्याय नहीं मिलता, मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी कार्य बहिष्कार जारी रखेंगेे। धरने पर बैठे कर्मचारियों में अशोक कुमार, संजीव कौशिक, जगदीश प्रसाद शर्मा, तहसीनुद्दीन, अनुज कुमार, दिनेश वर्मा, अनिल कुमार, भूपेंद्र सिंह, करन सिंह आदि शामिल रहे।