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हाथियों ने रौंदी धान और गन्ने की फसल

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हरेवली में हाथियों के रौँदने से बर्बाद पड़ी गन्ने की फसल - फोटो : DHAMPUR
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हाथियों ने रौंदी धान और गन्ने की फसल
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हरेवली (बिजनौर)। साहूवाला वन क्षेत्र से सटे गांवों में हाथियों ने किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ना, धान और चारे की फसलों को रौंद कर बर्बाद कर दिया। शनिवार रात किसान खेतों पर रहकर फसलों की रखवाली कर रहे थे। इस दौरान हाथियों का झुंड खेतों में आ धमका। हाथियों का झुंड किसानों पर भी हमलावर हो गया। किसानों ने किसी तरह जंगल से भाग कर जान बचाई।
साहूवाला वन क्षेत्र से सटे भगौता, शाहनगर कुराली, इनायतपुर, सहारावाला, मदपुरी, रामनगर गोसाई आदि गांवों में एक माह से हाथियों ने आतंक मचा रखा है। रामनगर गोसाई निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार रात गांव के रामपाल सिंह, कमल सिंह, रामगोपाल, आनंद सिंह, महेंद्र सिंह, गुरमुख सिंह और कैलाश खेतों में बने मचान पर बैठकर फसलों की रखवाली कर रहे थे। इसी दौरान जंगल से निकलकर हाथियों का झुंड खेतों में आ गया। किसानों ने शोर मचाकर लाइट दिखाई तो हाथी हमलावर हो गए और मचान की ओर आने लगे। स्वयं को घिरा देख किसानों ने मचान से कूदकर जंगल में छिपकर जान बचाई। किसानों की सूचना पर गांव के लोग इकट्ठा होकर ट्रैक्टरों से रात में ही खेतों पर पहुंचे और हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। इस दौरान हाथियों के झुंड ने उनकी गन्ने की फसल को बर्बाद कर दिया। अब तक हाथी सैकड़ों बीघा फसलों को बर्बाद कर चुके हैं।
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किसानों का आरोप है कि घटना की सूचना रात में ही वन विभाग के अधिकारियों को दी थी, लेकिन वे मौके पर नहीं पहुंचे। फसलों को हाथी लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से किसानों का सहयोग नहीं किया जा रहा है। इस मामले में वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि गांवों में हाथियों को खदेड़ने के उद्देश्य से पटाखे व बारूद उपलब्ध करा रखा है। वन विभाग की टीमें तैनात हैं। उत्तराखंड से आए हाथियों को भगाना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि उन्हें यहां खाने के लिए पर्याप्त मात्रा में गन्ना मिल रहा है। फिर भी हाथियों को खदेड़ने का पूर्ण प्रयास किया जा रहा है।
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