फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनाव का बहिष्कार करेंगे

Mon, 23 Nov 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन
धामपुर/अफजलगढ़। कासमपुरगढ़ी ब्लाक के ग्राम सीरवासुचंद और नहटौर ब्लाक के गांव रायपुर मिलहाबाद के ग्रामीणों ने प्रशासन पर काटे गए नामों को सूची में शामिल करने के नाम गुमराह करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
विज्ञापन


चेतावनी दी कि कटे नामों को सूची में नहीं जोड़ा गया तो चुुनाव का बहिष्कार होगा। उन्होंने मामले की शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग से करने की बात कही है। इसे लेकर नहटौर के ग्रामीणों ने तहसील में भी प्रदर्शन किया।

सीरवासुचंद के मोहित, रोहित, प्रशांत, मयंक, अंकित, इमरान, गजेंद्र, सलमान, नागेन्द्र, जुबेर, शुभम, आसिफ, रकीब का कहना है कि गांव में जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में सैकड़ों लोगों के वोट कटे हुए थे।
विज्ञापन


चुनाव के बाद उन्होंने अपनी वोट मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फार्म भरकर बीएलओ से सत्यापित कराने के बाद तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो के पास जमा करा दिया था।

ग्रामीणों का कहना है कि उक्त फार्मों को जांच के लिए कानूनगो ने फिर से हल्का लेखपाल के पास भेज दिया, लेकिन आज तक हल्का लेखपाल ने उक्त फार्मों को वापस तहसील में जमा नहीं कराया जिस कारण इस बार भी उनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं जुडे़ हैं।

जब उन्होंने मामले की डीएम से शिकायत की तो उन्होंने एसडीएम को कटे वोटों को सूची में शामिल करने का अधिकार होने की बात बता टरका दिया। एसडीएम ने कहा कि अब कुछ नहीं हो सकता। गांव के दूसरे लोग भी उनके साथ थे।

सभी ने चेताया कि कटे हुए ग्रामीणों के वोट नहीं जुडे़ तो गांव के लोग एक दिसंबर को होने वाले मतदान का बहिष्कार करेंगे।

एसडीएम सतेंद्र कुमार का कहना है कि ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है। उधर, नहटौर ब्लॉक के गांव रायपुर मलिहाबाद के ग्रामीण पूरन सिंह, चिरंजी, बलराम, रूपचंद ने बीएलओ, पटवारी पर वोट कटवाने और अपने चहेतों के फर्जी वोट बनवाने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार से मिलकर आंदोलन को चेताया है।

साथ ही चुनाव का बहिष्कार का ऐलान किया है।

न काटें चक्कर
बिजनौर। सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि चुनाव ड्यूटी कटवाने की भाग दौड़ कर रहे कर्मचारियों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। यदि कोई कर्मचारी बीमार हैं, तो उसे सीएमओ द्वारा गठित तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होना होगा। बोर्ड की संस्तुति पर ही निर्णय होगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें