फैक्टरी के दूषित पानी से सूखी गन्ने की फसल
बिजनौर। गांव सालमाबाद में खेत में फैक्टरी का दूषित पानी डालने से किसान की चार बीघा गन्ने की फसल नष्ट हो गई। फैक्टरी संचालकों की मनमानी के खिलाफ भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय पर धरना दिया। कार्यकर्ताओं की विभाग के कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। उन्होंने किसान को मुआवजा दिलाने और फैक्टरी मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
धरने के दौरान भाकियू के युवा प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने बताया कि किसानों के खेतों में रात में दूषित पानी डालकर फसल नष्ट की जा रही है और विभाग के अफसर आराम से सो रहे हैं। कभी सड़क किनारे तो कभी सड़क पर ही दूषित पानी डाल दिया जाता है। गांव सालमाबाद में नरदेव सिंह के गन्ने के खेत में दूषित पानी डालने से उनकी चार बीघा गन्ने की फसल नष्ट हो गई है। धरने के दौरान दिगंबर सिंह और एई आरएन सिंह के बीच बहुत तीखी नोकझोंक भी हुई।
किसानों ने हर कीमत मुआवजा मिलने के बाद ही धरना खत्म करने की मांग की। विभाग के अफसर भी मौके पर गए और खेत में डाले गए दूषित पानी को देखा। मौके पर फसल भी नष्ट मिली। दिगंबर सिंह ने बताया कि विभाग के अफसरों की लापरवाही से किसानों के खेत में फैक्टरी मालिकों ने गंदा पानी डाला है। मुआवजा मिलने पर ही धरना खत्म किया जाएगा। इस दौरान दीपक तोमर, डैनी, नदीम, बब्लू, टिंकू, सर्वेश, शौकीन, नरेंद्र, उत्तम सिंह, विनोद कुमार, संजीव कुमार, अंकित कुमार आदि किसान मौजूद रहे।
जिनौर के ग्राम सालमाबाद में फैक्ट्री का प्रदूषित पानी डालने से खराब हुई गन्ने की फसल।- फोटो : BIJNOR