आकाशवाणी नजीबाबाद में तैनात रही म्यूजिक कंपोजर माधुरी बड़थ्वाल को पद्मश्री अवार्ड देते राष्ट्?
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नजीबाबाद (बिजनौर)। आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र पर तीन दशक तक संगीत कंपोजर रहीं डॉ.माधुरी बड़थ्वाल को लोक गीतों, लोक संस्कृति को जीवंत रखने और संगीत से जुड़े शोध के लिए पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने माधुरी बड़थ्वाल को सम्मानित किया।
डॉ.माधुरी बड़थ्वाल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया। सेवानिवृत्ति के बाद देहरादून में रह रहीं माधुरी बड़थ्वाल ने आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र पर रहते हुए गढ़वाल की लोक संस्कृति, लोक विधा को जीवंत रखने के लिए मिशन चलाया। पांच दशक से गढ़वाल की लोक संस्कृति की जड़ों को खंगालते हुए उन्होंने विलुप्त होती लोक गीतों की परंपरा को जीवंत बनाने में अविस्मरणीय योगदान दिया।
स्वतंत्रता सेनानी चंद्रमणि उनियाल की पुत्री डॉ.माधुरी बड़थ्वाल ने प्रयाग संगीत समिति से संगीत की विधिवत शिक्षा ली। आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र में उन्हें कंपोजर के रूप में काम करते हुए गढ़वाल और उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति को इतिहास बनने से बचाने के लिए शोध किए। उन्होंने आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र पर संगीत रचना, नाटक-रूपक निर्देशन सहित संगीत विधाओं के कई क्षेत्रों में काम कर केंद्र को दूरदराज तक पहचान बनाने में अहम भूमिका निभाई।
आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र के एडीपी अमर सिंह, एडीई दिनेश चंद्रा, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिशासी शोभित शर्मा, प्रसारण निष्पादक अंकित सैनी, वरिष्ठ उद्घोषक सुलेंद्र नौटियाल ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ.माधुरी बड़थ्वाल को पद्म श्री पुरस्कार मिलने से आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र गौरवान्वित है।