डरे नहीं, बरतें सावधानी: सीएमओ
बिजनौर। वर्तमान में चल रहे मौसम के उतार-चढ़ाव से सर्दी, खांसी जुकाम, नजले के मरीज बढ़े हैं। चिकित्सकों की सलाह है कि ऐसे में वायरल संक्रमण को कोरोना समझने की बिल्कुल भी गलती न करें। इसके साथ साथ ठंडी चीजें खाने से बचें, लेकिन सावधानी जरूर बरतें। ऐसे में न तो भ्रम फैलाएं और न ही किसी के बहकावे में आएं। शीघ्र ही डॉक्टर को दिखाएं। सीएमओ ने कहा कि कोरोना को लेकर डरे नहीं, उससे बचने के लिए सावधानियां बरतें।
नोवेल कोरोना वायरस दुनियाभर में दहशत का पर्याय बना हुआ है। भारत में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है, लेकिन बिजनौर जनपद में अभी तक एक भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला है। जिला अस्पताल के फिजीशियन राधेश्याम वर्मा ने बताया कि वे रोजाना करीब 180 से 200 मरीजों की ओपीडी करते हैं। आजकल मरीजों की हालत ये है कि मामूली नजला, खांसी अथवा बुखार होने पर भी वे एक-दूसरे को भ्रमित कर रहे हैं। आजकल जिला अस्पताल में इस प्रकार के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर मौसम परिवर्तन पर सांस लेने में होने वाली तकलीफ को भी लोग कोरोना से जोड़कर देख रहे हैं। लोग स्वयं ही अपने आप को अथवा किसी दूसरे को कोरोना होने का अंदाजा लगा रहे हैं, जो बिल्कुल गलत है।
सीएमओ विजय कुमार यादव के अनुसार कोरोना वायरस इंसान के शरीर में पहुंचने के बाद सबसे पहले उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है। इस कारण सबसे पहले बुखार, उसके बाद सूखी खांसी आती है और बाद में सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। उन्होंने बताया कि इस वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखना शुरू होने में औसतन पांच दिन लगते हैं। कोरोना उनमें ज्यादा फैलने की आशंका रहती है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। उन्होंने बताया कि करीब करीब सभी प्रकार के फ्लू के लक्षण एक जैसे ही होते हैं। इसलिए डरें नहीं और न ही दूसरों को डराएं। इस मौसम में किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचने के लिए मौसमी फलों का सेवन करें। विटामिन सी वाले खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन करें। विटामिन सी में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की ताकत होती है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी इसमपाल सिंह का कहना है कि किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचने के लिए तुलसी और लौंग का प्रयोग बेहद ही लाभप्रद साबित हो सकता है, जबकि गिलोयवटी या फिर गिलोय का काढ़ा बनाकर पीना हर प्रकार के वायरल को नष्ट कर सकता है।