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मशीन की खराबी बताकर भी गरीब का राशन चला जाता है डीलर के पेट में

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मशीन की खराबी बताकर भी राशन में हो रही गड़बड़ी
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बिजनौर। राशन देने में कभी कभी राशन डीलर जनता के भोलेपन का भी फायदा उठा लेते हैं। उपभोक्ता को सरकारी रिकॉर्ड में राशन आवंटित होने के बाद भी राशन नहीं दिया जाता है। कभी पर्ची न निकलने तो कभी पर्ची न होने की बात कहकर कार्ड धारकों का राशन डकार जाते हैं।
अब राशन लेने के लिए अंगूठा का निशान ही उपभोक्ता का सबसे बड़ा पहचान पत्र है। राशन लेने के लिए उपभोक्ताओं को ईपोस मशीन पर अंगूठा लगाना होता है। ईपोस मशीन पर वही कार्ड धारक अंगूठा लगा सकता है जिसका नाम व आधार नंबर राशन कार्ड में दर्ज होता है। प्रदेश में किसी भी राशन की दुकान से कार्ड धारक राशन ले सकता है। लेकिन इस तरीके से भी राशन डीलर जनता का राशन हड़पने का तरीका निकाल ही लेते हैं। जैसे ही ईपोस मशीन कार्डधारक के अंगूठे को स्कैन कर लेती है तो इसका मतलब है कि कागजों में उपभोक्ता को राशन आवंटित कर दिया गया है। इसके बाद पोस मशीन से पर्ची निकलती है। उपभोक्ता भी इस पर्ची को ले सकते हैं। लेकिन राशन डीलर कभी पर्ची न निकलने की बात कहकर तो कभी अंगूठा स्कैन होने के बाद भी मशीन खराब होने की बात कहकर राशन हड़प लेते हैं। लॉकडाउन में तो नूरपुर क्षेत्र के एक राशन डीलर ने पूरे गांव का अंगूठा लगवाकर उन्हें यह कहकर राशन नहीं दिया था कि राशन बाद में बंटेगा। उपभोक्ताओं को दोबारा में मिलने वाला राशन दिया गया था और पहली बार में मिलने वाला राशन को डीलर ने हड़प कर लिया था। बाद में डीलर की दुकान को निलंबित कर दिया गया था।
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होगी कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार अगर उपभोक्ता राशन वितरण की पर्ची मांगता है तो उसे मिलनी चाहिए। अगर कोई डीलर राशन वितरण में मशीन के जरिये हेरफेर करके किसी गरीब का राशन नहीं देता है तो ऐसे डीलर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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