नजीबाबाद मिल की मैली का सैंपल लेते कर्मचारी।
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बिजनौर में नजीबाबाद सहकारी चीनी मिल की आसवनी इकाई (डिस्टलरी प्लांट) को प्रदूषण फैलाने के कारण बंद किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने आसवनी इकाई को बंद करने के लिए शासन को पत्र लिखा है। शासन द्वारा अनुमति मिलते ही आसवनी इकाई को सील कर दिया जाएगा।
मिल की आसवनी इकाई का संचालन इसी पेराई सत्र में किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ किया था। गांव चंदनपुरा के गांव वालों ने आसवनी इकाई का प्रदूषित पानी गांव के पास डालने का आरोप लगाया था। गांववालों का आरोप है कि प्रदूषित पानी से उनकी फसलें नष्ट हो रही है। शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने इस मामले की जांच की थी। जांच में पता चला कि मिल द्वारा शीरे को अल्कोहल बनाने के बाद जो तरल बचता है वह खेतों के पास डाला जा रहा है। इसमें काफी हानिकारक तत्व थे। यह तत्व जमीन के अंदर जाकर भूमिगत जल को प्रदूषित करते हैं। इससे गांव वालों में अनेक तरह की संक्रामक बीमारियां फैलने का भी खतरा है। टीम की जांच में आसवनी इकाई के अंदर रख रखाव उचित प्रकार से नहीं पाया गया। इसके अलावा बॉयलर की राख कोटद्वार रोड के पास व आसवनी इकाई के पास अव्यवस्थित रूप से पड़ी मिली।