धामपुर चीनी मिल गन्ने के रस से सीधे बनाएगी एथनॉल
बिजनौर। चीनी की घटती कीमत और उसे रखने के लिए जगह की कमी के चलते धामपुर चीनी मिल गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनाएगी। ऐसा करने वाली धामपुर मिल उत्तर प्रदेश की पहली चीनी मिल होगी। इससे चीनी पर मिल की निर्भरता कम होगी और एथनॉल बेचने से भुगतान भी तुरंत मिलेगा। इससे मिल किसानों को भुगतान कर सकेगी।
इस बार गन्ना और चीनी दोनों का उत्पादन बंपर है। गन्ने में मिलने वाले सुक्रोज से चीनी बनती है। एक क्विंटल गन्ने से औसतन 12 किलो चीनी बनती है। चीनी का उत्पादन कम करने के जिए धामपुर, बरकातपुर, स्योहारा व बुंदकी चीनी मिल ने इस साल रॉ शुगर के साथ साथ बी हैवी बनाया था। बी हैवी में सुक्रोज का कुछ हिस्सा शीरे में जाता है। बी हैवी एक उच्च गुणवत्ता का शीरा बनता है। इससे बाद में एथनॉल बनाया जाता है। एथनॉल को पेट्रोल व डीजल में मिलाया जाता गन्ने की बंपर पैदावार के बावजूद लॉकडाउन के चलते चीनी का बाजार धड़ाम हो गया है। चीनी का मूल्य न्यूनतम हो गया है तो कई चीनी मिलों में चीनी रखने के लिए जगह तक नहीं बची है। ऐसे में धामपुर चीनी मिल ने गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनाने का निर्णय लिया है। इससे चीनी भी कम बनेगी और एथनॉल बेचने में कोई समस्या भी नहीं आएगी।
ऐसे होगा काम
धामपुर चीनी मिल एक दिन में एक लाख 20 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करती है। इससे करीब 40 हजार क्विंटल चीनी बनती है। मिल रोज करीब 40 हजार क्विंटल गन्ने से एथनॉल बनाएगी। इससे चीनी का उत्पादन 33 प्रतिशत घटेगा। एक क्विंटल गन्ने के रस से 8.33 लीटर एथनॉल बनाया जाता है। एथनॉल की कीमत 59 रुपये प्रति लीटर है। यानि एक क्विंटल गन्ने से चीनी केवल 360 रुपये व एथनॉल करीब 490 रुपये का मिलता है।
जल्दी रस से बनाएंगे एथनॉल
धामपुर चीनी मिल के जनरल मैनेजर डिस्टलरी आनंद प्रकाश के अनुसार मिल जल्दी ही गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनाएगी। पहली बार यह प्रयोग किया जाएगा। रस से सीधा एथनॉल बनने से चीनी पर निर्भरता कम होगी।