पुलिस ने माकपा नेताओं को किया नजरबंद
बढ़ापुर (बिजनौर)। पुलिस की मुस्तैदी के चलते माकपा का नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में होने वाला प्रदर्शन नहीं हो सका। पुलिस ने प्रदर्शन का समय निकलने तक माकपा नेताओं को उनके आवासों से बाहर नहीं निकलने दिया।
शहीद रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला खां के बलिदान दिवस पर बृहस्पतिवार को नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में सीपीएम का कस्बे में विरोध प्रदर्शन होना था। जो स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के चलते नहीं हो सका। सीपीएम की बढ़ापुर शाखा ने इस प्रदर्शन को लेकर तैयारियां कर ली थीं। प्रदर्शन दोपहर करीब डेढ़ बजे कस्बे की कलहरवाली मस्जिद से प्रारंभ होकर थाने जाकर संपन्न होना था। लेकिन धारा 144 लगी होने के कारण पुलिस ने जुलूस के आयोजकों को कानून का उल्लंघन न करने की हिदायत दी। पुलिस ने कस्बे में पैदल मार्च भी निकाला। पुलिसकर्मी प्रदर्शन का समय निकलने तक स्थानीय माकपा नेता और नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शराफत हुसैन को उनके आवास पर ही घेरे रहे। शराफत हुसैन और माकपा की स्थानीय शाखा सचिव अखलाक खान का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन से रोकते हुए घरों से नहीं निकलने दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक कृपाशंकर सक्सेना का कहना है कि प्रशासन की ओर से जुलूस व प्रदर्शन पर रोक लगी है। कानून व्यवस्था के अनुपालन में आयोजकों ने जुलूस का कार्यक्रम निरस्त कर दिया था। उन्होंने किसी नेता को उसके घर पर रोके रखने की बात से इंकार किया है।