दाम बढ़ने से डिपो ने बदला तेल का ठिकाना
बिजनौर। डीजल पर दाम बढ़ने से डिपो ने तेल लेने का ठिकाना ही बदल लिया। डिपो अब थोक पर नहीं प्राइवेट पेट्रोल पंप से डीजल खरीद रही है। इससे डिपो को हर महीने करीब एक लाख की बचत हो रही है। डिपो को पेट्रोल पंप एक लीटर डीजल पर 50 पैसे की छूट दे रहा है।
पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। जिसका बोझ आम आदमी पर पड़ रहा है। सोमवार से थोक में डीजल लेने पर 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, बिजनौर डिपो डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह से थोक में न लेकर प्राइवेट पेट्रोल पंप से डीजल खरीद रही है। प्राइवेट पेट्रोल पंप डिपो को एक लीटर पर 50 पैसे की छूट दे रहा है। प्रदेश में चुनाव होने की वजह से अचार संहिता लगा दी गई थी। जिसके चलते थोक में डीजल खरीदने पर कमीशन खत्म हो गया था। इसके बाद डिपो 25 फरवरी 2022 से एक प्राइवेट पेट्रोल पंप से डीजल की खरीदारी कर रही है।
प्राइवेट पंप से डीजल खरीदने पर हर महीने डिपो को करीब एक लाख की बचत हो रही है। डिपो से रोजाना करीब 100 बसों का संचालन किया जाता है। जिसके चलते बसों में रोजाना पांच हजार लीटर से अधिक डीजल की खपत हो रही है। डिपो से संचालित बसों में 19 मार्च को 7178 लीटर डीजल की खपत हुई। 20 मार्च को बसों में 5643 लीटर डीजल की खपत हुई।
बढ़ सकता है किराया
आखिरी बार बसों में जनवरी 2020 में किराया बढ़ाया गया था। मिली जानकारी के मुताबिक जनवरी 2020 में प्रति किलोमीटर के हिसाब से 13 पैसे बढ़ाए गए थे। संभावना जताई जा रही है कि थोक में डीजल के दाम बढ़ने से बसों में भी किराया बढ़ सकता है। एआरएम ललित त्रिवेदी ने बताया कि डीजल की कीमतों में वृद्धि होने से बिजनौर डिपो अब थोक में डीजल नहीं खरीद रहा है। बल्कि प्राइवेट पंप से डीजल की खरीदारी कर रहा है।